गुजरात में किसानो के लिए किसान सूर्योदय योजना की शुरुआत की गयी है| जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को किया| गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने सिंचाई के लिए दिन में बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए, हाल ही में ‘किसान सूर्योदय योजना’ की घोषणा की थी। इस योजना के तहत, किसान सुबह पांच बजे से रात नौ बजे तक बिजली की आपूर्ति पा सकेंगे। राज्य सरकार ने 2023 तक इस योजना के तहत ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए 3500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। परियोजना के तहत कुल 3490 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) की लंबाई के साथ 234 '66-किलोवाट' ट्रांसमिशन लाइनें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा 220 केवी सब-स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।
दाहोद, पाटन, महिसागर, पंचमहल, छोटा उदयपुर, खेड़ा, तापी, वलसाड, आनंद और गिर-सोमनाथ को 2020-21 के लिए योजना के तहत शामिल किया गया है। बाकी जिलों को 2022-23 तक चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने किसान सूर्योदय योजना की बात करते हुए कहा कि पहले ज्यादातर किसानों को केवल रात में सिंचाई के लिए बिजली मिलती थी और पूरी रात जगना पड़ता था। गिरनार और जूनागढ़ में किसान जंगली जानवरों की समस्याओं का सामना करते हैं। किसान सूर्योदय योजना के तहत किसानों को सुबह पांच बजे से रात नौ बजे तक तीन चरणों में बिजली की आपूर्ति मिलेगी और उनके जीवन में एक नई सुबह आएगी।
प्रधानमंत्री ने अन्य मौजूदा प्रणालियों को प्रभावित किए बिना, ट्रांसमिशन की पूरी तरह से नई क्षमता तैयार करके यह काम करने के लिए गुजरात सरकार के प्रयासों की सराहना की। इस योजना के तहत, अगले दो-तीन वर्षों में लगभग 3500 सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई जाएंगी और आने वाले दिनों में एक हजार से अधिक गांवों में इसे लागू किया जाएगा और इनमें से ज्यादातर गांव आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हैं। उन्होंने कहा कि यह लाखों किसानों के जीवन को बदल देगा, जब पूरे गुजरात को इस योजना के माध्यम से बिजली की आपूर्ति मिलेगी।