योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ₹36,402 करोड़ की लागत वाली 594 किलोमीटर लम्बे गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना को मंजूरी दी है| गंगा एक्सप्रेस-वे गंगा नदी के सामानांतर चलते हुए मेरठ से प्रयागराज को जोड़ेगा|
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के क्रियान्वयन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके अन्तर्गत गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के जनपदवार संरेखण को स्वीकृति के साथ परियोजना की अनुमानित लागत ₹36,402 करोड़ पर भी सैद्धान्तिक अनुमति दी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया की परियोजना के लिए ग्राम सभा के स्वामित्व की भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने, परियोजना हेतु भूमि क्रय/अधिग्रहण के लिए, वार्षिक बजट, हडको से उनकी शर्तों के अधीन लिए जाने वाले ऋण हेतु प्रस्तावित प्रक्रिया, परियोजना हेतु अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के मॉनिटाइजेशन की प्रस्तावित प्रक्रिया, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के मोनिटाइेजशन के लिए टोल, ऑपरेट एवं ट्रांसफर पद्धति अपनाए जाने हेतु तकनीकी परामर्शी चयनित करने के लिए प्रस्तावित प्रक्रिया को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के क्रियान्वयन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) November 25, 2020
गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ-बुलंदशहर मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334) पर बिजली ग्राम के पास से शुरू होगा और प्रयागराज जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-दो पर जुडापुर दादू गांव के पास मिल जाएगा| अनुमानित लंबाई करीब 594 किलोमीटर है| एक्सप्रेस-वे राज्य के 11 जनपदों से होकर गुजरेगा|