पाकिस्तान एवं चीन की हर गुस्ताखी का तुरंत जबाब देने के लिए नए साल में गठित होंगे 5 थिएटर कमांड

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा 2019 में डिपार्टमेंट ऑफ़ मिलिट्री अफेयर के गठन एवं जनरल बिपिन रावत को देश के पहले चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ यानी CDS के रूप में नियुक्ति से सेना में शुरू हुई सुधार प्रक्रिया लगातार जारी है| तीनों सेनाओं को एकीकृत करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है| इससे न सिर्फ संसाधनों का समुचित उपयोग हो पायेगा बल्कि इससे सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और किसी भी आपात स्थिति में देश की तीनों सेनाएं पुरे तालमेल के साथ दुश्मन को करारा जबाब दे पाएंगी|

इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने दिसंबर 2020 में डिप्टी चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ (DCOAS) (स्ट्रेटेजी) के नए पद के गठन की घोषणा की| सेना मुख्यालय में सैन्य संचालन, सैन्य खुफिया, रणनीतिक योजना, परिचालन लॉजिस्टिक को अब डिप्टी चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटेजी) देखेंगे| डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) एवं डायरेक्टर जनरल मिलिट्री इंटेलिजेंस (DGMI) अब डिप्टी चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ (स्ट्रेटेजी) को रिपोर्ट करेंगे पहले ये वाईस चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ (VCOAS) को रिपोर्ट किया करते थे|

वर्तमान सुचना के युग में लड़ाई सिर्फ युद्ध के मैदान एवं हथियारों से नहीं लड़ा जाता है बल्कि लड़ाई डिजिटल वर्ल्ड में भी लड़ी जाती है| जिसे इनफार्मेशन वारफेयर कहते है| सोशल मीडिया या इंटरनेट के जरिये किसी भी फर्जी खबर या फेक नैरेटिव फ़ैलाने की कोशिशों को मुहतोड़ जबाब देने के लिए सेना मुख्यालय में डायरेक्टर जनरल (इनफार्मेशन वारफेयर) का गठन किया गया है|

इन सुधारों के अंतिम कड़ी के रूप में नए साल में 5 थिएटर कमांड गठित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी तथा 2022 तक सभी थिएटर कमांड कार्य करने लगेंगे| सभी थिएटर कमांड का अपना परिभाषित अभियान (ऑपरेशन) क्षेत्र होगा तथा निर्बाध कमांड संरचना होगी| इससे सेना की दक्षता में भारी वृद्धि होगी|

इन 5 थिएटर कमांड में से एक थिएटर कमांड पाकिस्तान के लिए तथा एक थिएटर कमांड चीन के लिए होगा ताकि इन दोनों के नापाक इरादों को समय रहते नाकाम किया जा सके|

नए साल में गठित होने वाले 5 संभावित थिएटर कमांड है – उत्तरी थिएटर कमांड (Northern Theatre Command), पश्चिमी थिएटर कमांड (Western Theatre Command), प्रायद्वीप थिएटर कमांड (Peninsular Theatre Command), वायु रक्षा थिएटर कमांड (Air Defence Theatre Command) एवं समुद्री थिएटर कमांड (Marine Theatre Command)|

उत्तरी थिएटर कमांड लद्दाख के काराकोरम पास से लेकर अरुणाचल प्रदेश के अंतिम पोस्ट किबिथू तक फैला होगा| उत्तरी थिएटर कमांड का मुख्यालय लखनऊ में होगा| चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा की रक्षा करना तथा चीन की किसी भी गुस्ताखी का माकूल जबाब देने का उत्तरदायित्व उत्तरी थिएटर कमांड का होगा|

उसी तरह लद्दाख में शियाचिन से लेकर गुजरात तक पाकिस्तान से लगती सीमा की रखवाली का दायित्व पश्चिमी थिएटर कमांड की होगीं तथा इसका मुख्यालय जयपुर में होगा|

तीसरा थिएटर कमांड होगा, प्रायद्वीप थिएटर कमांड, जिसका दायित्व दक्षिण भारत तथा पुरे समुद्री सीमा की रक्षा करना होगा| इसका मुख्यालय तिरुवनंतपुरम में होगा|

चौथा थिएटर कमांड होगा, वायु रक्षा थिएटर कमांड जिसका दायित्व होगा वायु हमले यानी एयर स्ट्राइक को अंजाम देने के साथ साथ लड़ाकू विमानों द्वारा देश की वायु सीमा की रक्षा करना| देश के सभी एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल इसी थिएटर कमांड के अंतर्गत होंगे| इसका मुख्यालय प्रयागराज में हो सकता है|

पांचवा थिएटर कमांड होगा, समुद्री थिएटर कमांड| हिन्द महासागर एवं भारतीय द्विपों की रक्षा का दायित्व समुद्री थिएटर कमांड का होगा| इसके अलावा समुद्र में व्यापार मार्गों एवं भारतीय हितों की रक्षा का दायित्व समुद्री थिएटर कमांड का होगा| अंदमान निकोबार द्विपसमुह में स्थित वर्तमान में भारत का एक मात्र ट्री-सर्विस कमांड भी इसी थिएटर कमांड के अंतर्गत होगा| इसका मुख्यालय कर्नाटक के कारवार या आंध्रप्रदेश के विसखापत्नम में हो सकता है|

इन थिएटर कमांड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल, एयर मार्शल या वाईस एडमिरल रैंक का अधिकारी करेगा तथा उस थिएटर कमांड के अंतर्गत आने वाले तीनो सेनाओं के वर्तमान के सारे कमांड उनको रिपोर्ट करेंगे|

थिएटर कमांड बनने के बाद थलसेना अध्यक्ष, वायुसेना अध्यक्ष एवं नौसेना अध्यक्ष के पास सैन्य अभियान यानी मिलिट्री ऑपरेशन का दायित्व नहीं होगा बल्कि उनका कार्य होगा थिएटर कमांड को संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करना एवं नीतिगत निर्णयों को देखना|

इसके अलावा सेना के तीनो अंगो से मिलकर बना आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशन डिवीज़न एवं डिफेन्स इंटेलिजेंस एजेंसी सीधे चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ यानीं CDS के अंतर्गत होगी|

अब प्रश्न है की थिएटर कमांड होता क्या है?

थिएटर कमांड का मतलब होता है सेना, वायुसेना एवं नौसेना की सभी इकाईयों को एक थिएटर कमांडर के अंतर्गत ला देना| चुकीं जब सेना के तीनों अंग एक ही कमांडर के अंतर्गत होंगे तो तीनों में जबरदस्त तालमेल होगा| इससे सेना कुशलता एवं मारक क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होती है| इससे संसाधनों की बचत के साथ साथ डुप्लिसिटी को भी रोका जा सकेगा| उदाहरण के लिए वर्तमान में भारतीय सेना, वायुसेना एवं नौसेना तीनो भारतीय वायु सीमा की रक्षा करते है वो भी अलग अलग संचार फ्रीक्वेंसी पर एवं विना तालमेल के| जबकि पुरे देश में एयर बेस एवं सेना बेस दोनों अगल-बगल में ही है| लेकिन थिएटर कमांड बनने के बाद यह दायित्व पूरी तरह से सिर्फ और सिर्फ वायु रक्षा थिएटर कमांड की होगी|

किसी एक थिएटर कमांड में जब सेना, वायुसेना एवं नौसेना तीनो एक थिएटर कमांडर के अंतर्गत तो वह उपलब्ध संसाधनों का उपयोग उस थिएटर कमांड की आवश्यकता के अनुसार सेना, वायुसेना एवं नौसेना में कर पायेगा| इससे संसाधन में बचत तथा सेना की कुशलता एवं मारक क्षमता में वृद्धि होती है| युद्ध की स्थिति में यह बहुत ही लाभदायक होता है|

 


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