राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) RSS की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (Akhil Bhartiya Pratinidhi Sabha) की बैठक शुक्रवार को बेंगलूरु में प्रारम्भ हो गयी| माननीय सरसंघचालक मोहनजी भागवत और माननीय सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर बैठक का शुभारम्भ किया। इस अतिमहत्वपूर्ण बैठक में देशभर से लगभग 450 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के पहले दिन सह-सरकार्यवाह मनमोहन जी वैद्य ने बताया की कोरोना महामारी के दौरान संघ ने 73 लाख जरुरतमंदो को राशन किट पहुचाया तथा 45 लाख जरुरतमंदो तक खाने का पॉकेट पहुचाया| उन्होंने कहा की आज संघ की उपस्थिति देश के 60 मंडलों तक हो चुकी है| संघ का तेजी से विस्तार हो रहा है और हमारा लक्ष्य है की अगले 3 वर्ष में हम देश के प्रत्येक मंडल तक पहुंच जाएं|
मनमोहन जी वैद्य ने बताया की कोरोना के दौरान संघ ने 90 मास्क का वितरण किया तथा संघ से स्वयंसेवकों द्वारा 60000 यूनिट से ज्यादा रक्तदान किया गया| उसी दौरान स्वयंसेवकों ने 20 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरो की सहायता करने के साथ ही 2.5 लाख से ज्यादा घुमंतू समाज के लोगो की भी सहायता की|
उन्होंने कहा की आज लोगों में संघ को जानने की उत्सुक्ता बढ़ी है| सभी लोग संघ में शामिल तो नहीं हो सकते लेकिन संघ के साथ कार्य करने को उत्सुक है| उन्होंने कहा की देश में शाखा की संख्या बढ़ाने एवं शाखा की भूमिका के विस्तार के विषय पर प्रतिनिधि सभा में चर्चा होगी|
संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक बहुत ही महत्वपूर्ण होती है तथा इस बैठक में संघ की दशा एवं दिशा तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होती है|
शनिवार को अगले 3 वर्ष के लिए नए सरकार्यवाह का चुनाव
बेंगलूरु में हो रहे दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दुसरे दिन शनिवार को अगले 3 वर्ष के लिए नए सरकार्यवाह का चुनाव होगा| वर्तमान सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी का 3 वर्ष का चौथा कार्यकाल पूर्ण हो गया है| वैसे वर्तमान सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी को तीन वर्ष के एक और कार्यकाल के लिए चुना जा सकता है| लेकिन अगर किसी अन्य व्यक्ति को नया सरकार्यवाह चुना जाता है तो इसकी संभावना ज्यादा है की वह सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी के साथ सह-सरकार्यवाह का दायित्व देख रहे श्री दत्तात्रेय होसाबले, सुरेश सोनी, डॉ कृष्ण गोपाल, मनमोहन वैद्य, बी भगैया या सी आर मुकुंद में से कोई एक हो|
लेकिन ऐसी कोई बाध्यता नहीं है की सह-सरकार्यवाह ही सरकार्यवाह बने कोई अन्य दायित्व देख रहा व्यक्ति भी सरकार्यवाह बन सकता है| जैसे की 2009 में जब सुरेश भय्याजी जोशी सरकार्यवाह बने तब वह सह-सरकार्यवाह नहीं थे बल्कि अखिल भारतीय सेवा प्रमुख का दायित्व देख रहे थे|
नए सरकार्यवाह के चुनाव के बाद वह बाकि पदाधिकारियों की घोषणा करेंगे|