अफगानिस्तान में पिछले महीने तालिबान के सत्ता हथियाने के बाद देश छोड़कर चले गये पूर्व अधिकारियों ने कहा है कि अफगानिस्तान सरकार निर्वासन (Afghanistan's government-in-exile) में जारी रहेगी। इस सरकार का नेतृत्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह (Amrullah Saleh) करेंगे। स्विट्जरलैंड में अफगान दूतावास के वक्तव्य में बताया गया है कि अफगानिस्तान का इस्लामी गणतंत्र ही अफगानिस्तान की वैध सरकार है जो लोगों के वोटों से निर्वाचित होकर बनी है और कोई अन्य सरकार इसकी जगह नहीं ले सकती। वक्तव्य में कहा गया है कि देश के वरिष्ठ लोगों से परामर्श के बाद निर्वासित सरकार की घोषणा का निर्णय लिया गया।
वक्तव्य में यह भी कहा गया है कि अशरफ गनी के देश छोड़कर चले जाने के बाद उनके पहले उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह देश का नेतृत्व करेंगे। वक्तव्य में अहमद मसूद के नेतृत्व वाले तालिबान विरोधी मोर्चे के समर्थन की घोषणा की गयी है और कहा गया है कि अफगानिस्तान के सभी दूतावास और वाणिज्य दूतावास सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।