भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (Life Insurance Corporation of India) बदलाव के दौर से गुजर रहा है| इस साल LIC अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) लाने वाली है। आईपीओ लाने के पहले कंपनी के पदाधिकारियों के स्वरूप में भी बदलाव किया जा रहा है। इस बदलाव के तहत एलआईसी में चेयरमैन पद को खत्म किया जा रहा है।
सीईओ और एमडी की केंद्र करेगी नियुक्ति
एलआईसी में अब चेयरमैन की जगह चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) के पद का सृजन किया जाएगा। एलआईसी के आईपीओ की लॉन्चिंग के पहले ही चेयरमैन की जगह सीईओ और एमडी काम शुरू कर देंगे। भारतीय जीवन बीमा निगम के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति केंद्र सरकार की ओर से की जाएगी।
वित्त मंत्रालय के तहत संबंधित विभाग नियमों में कर रहा संशोधन
इस संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय जीवन बीमा निगम के शीर्ष पदाधिकारियों के स्वरूप में बदलाव करने का ये काम वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाला डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज कर रहा है। इस बदलाव के लिए लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एंप्लाइज) पेंशन (अमेंडमेंट) रूल्स में संशोधन किया जा रहा है। इसके साथ ही लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एक्ट के तहत भी कुछ नियमों और प्रावधानों में संशोधन किया जा रहा है।
एलआईसी में आने वाला है आईपीओ
बता दें कि इस आईपीओ को लॉन्च करने के पहले सरकार ने एलआईसी का अधिकृत शेयर कैपिटल 25 हजार करोड़ रुपये करने की मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि यह देश का अभी तक का सबसे बड़े आकार का आईपीओ होगा। इसके लिए वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक मामलों के विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स) ने कुछ दिन पहले ही सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स में संशोधन किया था।
इस संशोधन के मुताबिक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) वाली कंपनियां अपने कुल शेयर का अधिकतम 5 फीसदी ही बेच सकेंगी। जानकारों का कहना है कि इस संशोधन के प्रभावी हो जाने के बाद भारतीय जीवन बीमा निगम का इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) आने पर एलआईसी के हित भी सुरक्षित रहेंगे और केंद्र सरकार को ज्यादा पूंजी की भी प्राप्ति हो सकेगी।