केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान Dharmendra Pradhan ने कहा है कि किसी सरकारी अधिकारी के बजाय किसी किसान के नारियल बोर्ड का अध्यक्ष चुने जाने से देश में नारियल की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में नारियल बोर्ड अधिनियम में संशोधन के लिए मंत्रिमंडल की स्वीकृति से ओडिसा सहित देश के तटीय राज्यों में नारियल उत्पादकों को लाभ होगा। उन्होंने मंडी समितियों को एक लाख करोड़ रुपये के कृषि ढांचागत कोष से वित्तीय सहायता लेने की स्वीकृति के मंडिमंडल के फैसले का भी स्वागत किया।
प्रधान ने कहा कि इससे छोटे और सीमांत किसानों को अत्यधिक लाभ होगा तथा फसल कटाई के बाद प्रबंधन और उसे मंडियों में भेजने की प्रक्रिया मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।