झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर संसय बरकरार

लाभ के पद को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की विधानसभा की सदस्यता रहेगी या जाएगी इसको लेकर संसय बरकरार है। जिसके चलते राज्य की राजनीति में पैदा हुआ अस्थिरता एवं अनिश्चितता का दौर बढता ही जा रहा है।

झारखंड राज्यपाल रमेश वैश्य द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संबंधित चुनाव आयोग के आदेश को आधिकारिक नहीं करने के कारण सत्ता पक्ष की बेचैनी बढ़ रही है। राजभवन ने अभी तक न तो निर्वाचन आयोग से सदस्यता रद करने को लेकर पत्र मिलने और न ही सदस्यता रद करने को लेकर कोई अधिकृत घोषणा की है। इससे सत्ता पक्ष की बेचैनी और बढ़ रही है। उमिद्द जताई जा रही है की सोमवार या मंगलवार तक राजभवन हेमंत सोरेन को लेकर कोई भी पत्र आयोग को भेजा जा सकता है।

दरअसल, झारखंड मुक्तिमोर्चा एवं कांग्रेस को इसका इस बात का डर सता रहा है कि अगर मामला लम्बा खिंचा तो विधायकों को ज्यादा दिनों तक एकजुट रखना मुश्किल होगा।

इसिलिए रविवार को झामुमो के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि राज्यपाल को निर्वाचन आयोग के पत्र तथा उसपर की गई कार्रवाई का खुलासा करना चाहिए। आयोग से जो भी संवाद आया हो उसे आधिकारिक रूप से खुलासा करना चाहिए। ऐसा नहीं कर यहां हार्स ट्रेडिंग जैसा माहौल बनाया जा रहा है।

 


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