भारतीय जनता पार्टी के विधायकों में असंतोष के कारण, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को त्यागपत्र दे दिया|
कौन हो उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री इसको लेकर बुधवार को भाजपा विधायक दल की बैठक देहरादून में बुलाई गई है| केन्द्रीय प्रवेक्षक के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह मंगलवार रात को देहरादून पहुंच गए|
देहरादून में डॉक्टर रमन सिंह पार्टी विधायकों एवं नेताओं से चर्चा कर किसी एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं|
अगले मुख्यमंत्री के रूप में कई नाम चल रहे हैं| इसमें उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया सेल के प्रमुख राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, उत्तराखंड सरकार में मंत्री सतपाल महाराज, पार्टी के लोकसभा सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नाम शामिल हैं|
लेकिन 48 वर्षीय धन सिंह रावत (Dhan Singh Rawat) एवं 50 वर्षीय अनिल बलूनी (Anil Baluni) नए मुख्यमंत्री के दौड़ में सबसे आगे बताए जाते हैं|
नए मुख्यमंत्री के चुनाव में जातीय एवं क्षेत्रीय संतुलन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी| पार्टी के सामने ब्राह्मण एवं राजपूत के बीच संतुलन बनाने के अलावा, कुमाऊं एवं गढ़वाल के बीच भी संतुलन बनाने की चुनौती है| उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ब्राह्मण हैं तथा कुमाऊ से आते हैं| ऐसे में संभावना ज्यादा है कि मुख्यमंत्री का अगला चेहरा गढ़वाल से हो और राजपूत जाति से हो| चूंकि त्रिवेंद्र सिंह रावत राजपूत जाति से थे, ऐसे में नया चेहरा भी राजपूत ही होने की संभावना ज्यादा है ताकि त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाने के कारण किसी में नाराजगी पैदा ना हो|
एक साल बाद 2022 में उत्तराखंड विधानसभा का चुनाव होना है और अगर किसी सांसद को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो 6 महीने के अंदर उपचुनाव कराना होगा| इससे बचने के लिए यह संभावना बहुत ज्यादा है कि मुख्यमंत्री का अगला चेहरा विधायकों के बीच से ही चुना जाए|
इस तरह से धन सिंह रावत एवं सतपाल महाराज दौड़ में सबसे आगे हो जाते हैं| दोनों ही राजपूत हैं तथा गढ़वाल क्षेत्र से आते हैं| लेकिन सतपाल महाराज कांग्रेस से भाजपा में आए हैं और अभी भी भाजपा कैडर में वह पैठ नहीं बना पाए हैं जो धन सिंह रावत की है|
धन सिंह रावत खांटी संघी है| वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं| उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP से की है| संघ एवं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में उनकी अच्छी पहुंची है| ऐसी परिस्थिति में पहली बार विधायक होने के बावजूद भी 48 वर्षीय धन सिंह रावत के ही अगले मुख्यमंत्री बनने की पूरी संभावना है|
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस बार पार्टी एक उपमुख्यमंत्री भी बना सकती है जिसके दौड़ में 45 वर्षीय पुष्कर सिंह धामी सबसे आगे हैं|