तीन दशक बाद शुरू होगा गोरखपुर का खाद कारखाना, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

पीएम मोदी आगामी सात दिसम्बर को पूर्वांचल को कई बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। खाद कारखाना, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक लैब और गोरखपुर एम्स पूर्वांचल की जनता को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष के लिए जो नामुमकिन था, मोदी जी ने उसे मुमकिन बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने वोट की राजनीति न करके देश-प्रदेश की जनता की भलाई के लिए काम किया। इसलिए प्रदेश सरकार और यहां की जनता आगामी सात दिसम्बर को उनके स्वागत के लिए उतावली है।

यूपी में रोजगार और नौकरी का सपना साकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात दिसम्बर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कभी सपना बन चुके तीन बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। यह न केवल पूर्वी उप्र की दृष्टि से अबतक का सबसे बड़ा निवेश है बल्कि उस सपने को साकार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश की पांच करोड़ की जनता देख रही है। इसे पिछली सरकारों ने अपनी नाकामियों के कारण नकार दिया था। गोरखपुर में 1990 में एक फर्टिलाइजेशन कार्पोरेशन इंडिया का एक खाद कारखाना था, वह बंद हो गया था। अनेक सरकारें आयीं। आश्वासन पर आश्वासन दिए गये लेकिन 26 वर्षों तक उन लोगों ने हमेशा हाथ खड़े कर दिए कि यहां नये कारखाने की आवश्यकता नहीं है। इस कारण न केवल अन्नदाता किसान परेशान हुआ बल्कि सामान्य नागरिकों के जीवन पर असर पड़ा। गोरखपुर और पूरब के विकास पर विपरीत असर पड़ा। रोजगार और नौकरी पर विराम लगा। अब यह सपना साकार हो चुका है।

गोरखपुर खाद कारखाना बनकर तैयार, पीएम ने 2016 में किया था शिलान्यास

प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में गोरखपुर खाद कारखाने में शिलान्यास किया। करीब 600 एकड़ क्षेत्रफल में फैला खाद कारखाना एक समय के अंदर बनकर तैयार है। सात दिसम्बर को मोदी के कर कमलों से एक भव्य समारोह में हिन्दुस्थान उर्वरक के नाम पर यह नया खाद कारखाना राष्ट्र को समर्पित होगा। 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन यहां से होगा। इसी प्रकार से यह खाद कारखाना किसानों को समय पर खाद एवं उर्वरक उपलब्ध कराने में ही नहीं बल्कि लोगों को रोजगार में मददगार साबित होगा।

एम्स भी है तैयार, पीएम करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी बाढ़ और बीमारी के लिए जाना जाने वाला पूर्वी उत्तर प्रदेश जहां मासूम दम तोड़ते थे, सरकारों की संवेदना कभी उन गरीबों के प्रति अभावग्रस्त लोगों के प्रति देखने को नहीं मिली थी। इन्सेफलाइटिस की बात करें तो 40 वर्षों में हजारों बच्चों की जान गयी। कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं हो पायी। 2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने एक एम्स दिया। यह गोरखपुर में स्थापित हुआ। एम्स भी बनकर तैयार है। एम्स का भी उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आईसीएमआर का सेंटर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक तीसरा महत्वपूर्ण केंद्र है। 1977 में पहली बार यहां इन्सेफ्लाइटिस के मरीज चिन्हित हुए थे। बीमारी कब से है, कुछ पता नहीं है। वह भी गोरखपुर के किसी लैब से नहीं हुआ। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे की लैब में बीमारी का पता चला। एक लंबे समय तक मस्तिष्क ज्वर हो, डेंगू हो या अन्य रोगों को चिन्हित करना और उसको अच्छे स्वास्थ्य के लिहाज से सुविधा उपलब्ध करायी जा सके, इस पर उस प्रकार की पुख्ता व्यवस्था करने के लिए एक आईसीएमआर का सेंटर गोरखपुर में बनकर तैयार हो चुका है। इसमें न केवल इंसेफ्लाइटिस, डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया बल्कि कोरोना जैसे महामारी से जुड़े वायरस की पहचान करने में सक्षम होगा। फिर उसके उपचार के लिए अनुसंधान को आगे बढ़ाने में इसकी अहम भूमिका साबित होगी। दवा के निर्माण करने की दृष्टि से भी यह केंद्र काम करने सक्षम होगा। यह सेंटर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बनकर तैयार हुआ है। इसका उद्घाटन भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। इसका शिलान्यास 2018 में उस समय के केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री योगी ने किया था।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए खास उपलब्धि

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुल मिलाकर अगर देखेंगे तो यह सभी चीजें पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए खास उपलब्धि है। अगर हम गोरखपुर और वाराणसी की बात करते हैं तो इससे बिहार राज्य की बड़ी आबादी जुड़ती है। नेपाल से जुड़ी एक बड़ी आबादी भी इससे लाभान्वित होती है। एक बड़ी आबादी के लिए बेहतर सुविधा और स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने के कार्यक्रम को पूरा देश और दुनिया देखेगी। पूर्वांचल प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को उतावला है। इसलिए सात दिसम्बर की तिथि बेहद खास होगी।

 


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