लगता है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार Nitish Kumar अभीतक 2020 बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम को पचा नही पाये है। रविवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री तथा लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान Ramvilas Paswan की पहली वर्षी थी। इसको लेकर पटना में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। रामविलास पासवान को श्रधान्जली अर्पित करने के लिए बिहार के सभी बड़े नेता पहुचे शिवाय एक के।
रामविलास पासवान की पहली वर्षी पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Narendra Modi ने फोन कर उनके पुत्र तथा सांसद चिराग पासवान Chirag Paswan से बात की तथा बाद में दो पन्नो का पत्र लिखकर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल फागु चौहान, दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, राज्य सरकार भाजपा के मंत्री के आलावा बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह पहुचे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी बंगलुरु से तथा केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय दिल्ली से पटना पहुचे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी पहुचे तथा रामविलास पासवान को श्रधांजली अर्पित की।
यानीं बिहार के सभी बड़े नेता रामविलास पासवान की पहली वर्षी में शामिल हुए, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम में नही पहुचे। सिर्फ मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा एक वक्तव्य जारी कर श्रधांजली अर्पित की गयी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के न पहुचने पर चिराग पासवान ने भी निराशा व्यक्त की। चिराग का कहना था की उन्होंने हर संभव कोशिश की की मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हो। “मैने मुख्यमंत्री से मिलने का समय माँगा लेकिन नही मिला। मैंने मीडिया के जरिए भी उनको आमंत्रित किया, हमारे मित्र भी जाकर मिले लेकिन कोई स्वीकार नहीं किया। मुझे लगता है की कुछ क्षण ऐसे होने चाहिए जो राजनीति से ऊपर हो।“
नीतीश कुमार चिराग पासवान से नाराज है एवं उनको पसंद नही करते है। ताजा घटना से लगता है की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2020 बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम को न तो पचा पाए है और नहीं भुला पाए है। वह यह भूलने को तैयार नहीं है की चिराग पासवान के उनकी पार्टी जदयू बिहार में तीसरे नंबर की पार्टी बन गयी तथा आज वह भाजपा के रहमो करम पर बिहार के मुख्यमंत्री है।
2020 बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान के नेतृत्व में लोजपा ने NDA गठबंधन से बाहर होकर चुनाव लड़ा। चुनाव में भाजपा को 74, राजद को 75 तथा जदयू को 43 सीटें प्राप्त हुई। यद्दिपी लोजपा को सिर्फ 1 सीटें प्राप्त हुई लेकिन उसके कारण जदयू को 30 से ज्यादा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था।
आज सत्तारूढ़ भाजपा जदयू गठबंधन में जदयू जूनियर पार्टनर है तथा नीतीश कुमार भाजपा के दया पर बिहार के मुख्यमंत्री है। यह बात नीतीश कुमार को एक साल बाद भी चोट कर रही है तथा इस परिस्थिति के लिए जिम्मेदार चिराग पासवान को किसी भी स्थिति में माफ़ करने को तैयार नहीं है।