प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 'स्मृति वन' की स्थापना, दो हजार एक के भूकंप में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि और कच्छ के लोगों के जुझारू जज्बे का सम्मान देने के लिए की गई है। उन्होंने आज कच्छ में भारत के पहले भूकम्प स्मारक- 'स्मृति वन' को समर्पित करने के बाद एक जनसभा में कहा कि इस स्मारक में कच्छ की पीडा परिलक्षित होती है। इसमें इस विनाशकारी भूकंप में जान गंवाने वालों के बारह हजार से अधिक लोगों के नाम उकेरे गये हैं। “स्मृति वन” को, भुजियो पहाडी के ऊपर 175 एकड क्षेत्र में 375 करोड रूपये की लागत से विकसित किया गया है। इसमें भूकम्प सिमुलेटर सहित कई दीर्घाएं हैं , जिससे इसमें भूकम्प के झटकों जैसी अनुभूति होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन 1 सौ 85 बच्चों और 20 शिक्षकों को श्रद्धांजलि देने के लिए अंजार शहर में निर्मित "वीर बालक मेमोरियल" को वर्चुअली समर्पित किया, जो इस जानलेवा भूकंप के दौरान मलबे में जिंदा दब गए थे।
मोदी ने आज 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें भुज के पास माधापार में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, मांडवी तक नर्मदा शाखा नहर , चंदरानी में सौर ऊर्जा संचालित डेयरी संयंत्र और गांधीधाम में बाबासाहेब अंबेडकर कन्वेंशन सेंटर शामिल हैं। उन्होंने 1 हजार 373 करोड़ रुपये के निवेश से भीमासर-अंजर-भुज चार लेन राजमार्ग परियोजना की आधारशिला भी रखी।