भारत और नेपाल के आपसी संबंध वापस पटरी पर लौटने लगे हैं| चीन के कारण दोनों देशो के बीच पैदा हुई अविश्वास की खाई अब पटने लगी है| इसी वर्ष मई-जून के दौरान जब भारत एवं चीन के बीच सीमा पर भारी तनाव चल रहा था तभी भारत – नेपाल के बीच सीमा विवाद को हवा देते हुए नेपाल द्वारा नया नक्शा जारी करने के कारण संबंधों में खटास आ गया था और रिश्तो से गर्मजोशी खत्म हो गई थी|
2018 में जबसे के पी शर्मा ओली दुबारा नेपाल के प्रधानमंत्री बने हैं तब से भारत नेपाल के रिश्तों में ठहराव सा आ गया था| प्रधानमंत्री ओली हमेशा भारत से ज्यादा चीन को महत्व देते रहे हैं| इसके पीछे इतिहास की कुछ कड़वाहट भी है| 2014-15 में जब ओली पहली बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे तब नेपाल में नए संविधान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही थी| भारत की सीमा से लगे नेपाल के तराई क्षेत्र में रहने वाले मधेशी लोगों ने संविधान के कुछ प्रावधानों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया| मधेशी आंदोलन ने भारत-नेपाल सीमा पर नाकाबंदी कर दी| मधेशी आंदोलन को भारत का अप्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त था| ओली को प्रधानमंत्री पद से हटना पड़ा| ओली को लगा कि उन्हें भारत के कारण ही प्रधानमंत्री पद से हटना पड़ा है| मधेशी आंदोलन के कारण नेपाल में जरूरी वस्तुओं विशेषकर के गैस एवं पेट्रोलियम की भारी कमी का सामना करना पड़ा| जिससे लोगो में एक गुस्सा भी था| चुनाव में ओली ने इसके लिए भारत को दोषी ठहराया और चुनाव में खूब भारत विरोधी बयान बाजी की| चुनाव जीतने के बाद 2018 में जब दोबारा प्रधानमंत्री बने तब से भारत के प्रति उनका रुख ठंडा ही रहा|
लेकिन मई-जून 2020 में भारत नेपाल के रिश्ते अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए| जब सीमा पर भारत चीन की सेना आमने-सामने थी उसी वक्त चीन के दबाव में नेपाल में भारत द्वारा कालापानी एवं लिपुलेख क्षेत्र में सड़क निर्माण पर आपत्ति जताई| नेपाल ने अपने संविधान में संशोधन कर भारत की जमीन को अपने नक्शे में दिखा दिया| भारत ने कड़ा विरोध किया| इसके बाद दोनों देशो के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए|
लेकिन अब स्थिति बदल गई है| रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने लगी है| प्रधानमंत्री ओली भी कोशिश कर रहे है की भारत-नेपाल रिश्तो को वापस पटरी पर लाया जाए|
जब भारत नेपाल के रिश्तो में तनाव बढ़ रहा था उसी दौरान नेपाल की आंतरिक राजनीति भी भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही थी| प्रधानमंत्री ओली एवं पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के बीच सत्ता संघर्ष चरम पर था| ओली को लगा कि वह भारत विरोधी कार्ड खेलकर अपने विरोधियों को पस्त कर देंगे| इसके पीछे दिमाग था नेपाल में चीन के राजदूत हूं यांकी का|
भारत और नेपाल के संबंधों में तनाव लाने में सबसे बड़ी भूमिका चीन की रही है| चीन हमेशा नेपाल को भारत से दूर ले जाने की कोशिश करता रहा है| लेकिन जब से हो हूं यांकी नेपाल में चीन की राजदूत बनी है चीन का नेपाल में हस्तक्षेप बहुत ज्यादा बढ़ गया है| मर्यादाओं को दरकिनार कर हूं यांकी सीधे नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करती है| कम्युनिस्ट पार्टी की आंतरिक राजनीति में भी दखलअंदाजी करती है| ओली एवं प्रचंड के बीच खुलकर मध्यस्थ की भूमिका निभाती है|
पार्टी में प्रचंड समर्थक तो ओली को सत्ता से बाहर करने की कोशिश में लगे ही हैं उधर चीन द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नेपाल की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप करने से भी प्रधानमंत्री ओली की छवि खराब हुई| उनके ऊपर चीन का कठपुतली होने के भी आरोप लगने लगे| उधर चीन की सेना द्वारा नेपाल के गांव पर कब्जा करने का भी आरोप लगे| नेपाल के अंदर राजशाही वापस लाने के लिए भी प्रदर्शन हो रहे हैं|
अंदर से लेकर बाहर तक चुनौतियों का सामना कर रहे प्रधानमंत्री ओली ने भारत से रिश्ते सुधारने एवं चीन से थोड़ी दूरी बनाने की कोशिशें शुरू कर दी है| उन्होंने नेपाल के रक्षा मंत्री को हटा दिया जो चीन के समर्थक थे| भारत ने नेपाल के प्रयासों का सकारात्मक जवाब दिया| भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के प्रमुख सामंत गोयल ने अक्टूबर में नेपाल की यात्रा की तथा प्रधानमंत्री ओली से मुलाकात की| नवम्बर के शुरू में भारतीय सेना के अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने नेपाल की यात्रा की तथा नवंबर के अंत में भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने नेपाल का दौरा किया|
नेपाल सीमा विवाद को ठंडे बस्ते में डालना चाहता है| नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ज्ञावली भारत आने वाले हैं| उससे पहले दिसंबर में चीन को झटका देते हुए नेपाल ने भारत से काठमांडू तक की फास्टट्रैक रेल मार्ग परियोजना को स्वीकृति दे दी है| इस प्रस्ताव को चीन के तिब्बत से काठमांडू को जोड़ने की प्रस्ताव की अनदेखी कर स्वीकृति दी गई है| नेपाल के इस ताजा फैसले से हिमालई देश में प्रभाव स्थापित करने की चीन की कोशिशों को झटका लगा है|
प्रधानमंत्री ओली ने चीन की राजदूत हूं यांकी को कम्युनिस्ट पार्टी की आंतरिक राजनीति से दूर रहने की हिदायत भी दी है|
पटरी पर लौटते भारत नेपाल के रिश्तो के साथ ही ड्रैगन कि भारत के खिलाफ एक और चाल धराशाई हो गयी है|