आधुनिकीकरण और उन्नयन को गति देता आईवीएफआरटी

हम सभी इस बात से अवगत है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की दृष्टि से भारत आज एक प्रमुख स्थल बन चुका है। प्रतिवर्ष देश-विदेश से हजारों लाखों पर्यटक भारत भ्रमण के लिए आते हैं। देखा जाए तो यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही अच्छा है। लेकिन साथ ही साथ कोई भी व्यवस्था अपने साथ जिम्मेदारी भी लाती है। जैसे यदि हमें ज्यादा से ज्यादा पर्यटक चाहिए तो हमें उनकी सुविधा के लिए सरल तरीके भी उपलब्ध कराने होंगे और उनकी सुरक्षा की भी जिम्मेदारी लेनी होगी।

आईवीएफआरटी (IVFRT) एक ऐसी ही व्यवस्था मुहैया कराता है। आप्रवासन सेवाओं के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए ही आप्रवासन वीजा और विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) की पहचान की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा इसे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है।

क्या है इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ?

एक सुरक्षित और एकीकृत सेवा वितरण ढांचा बना कर कार्य करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। यह ढांचा सुरक्षा को मजबूत करते हुए वैध यात्रियों की सुविधा प्रदान करता है।

परियोजना का फोकस

विशेष रूप से यह परियोजना कुछ मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दे रही है जो निम्न हैं –

1.परियोजना विभिन्न प्रवासन संबंधी गतिविधियों की सुरक्षा, सुविधा पर ध्यान देती है।

2. सभी आवर्जन स्थलों पर यात्री की पहचान का एक प्रमाणीकरण है।

3. सूचना का एक केंद्रीकरण है जो जरूरत पड़ने पर साझा किया जा सकता है।

4. इसमें ऑनलाइन पंजीकरण और स्वचालित सेवा वितरण प्रणाली शामिल है।

5. स्वचालित यात्री प्रोफाइलिंग और अलर्ट जैसी सुविधा भी हैं।

परियोजना का क्षेत्र

आई वी  एफ आर टी की इस परियोजना के दायरे में राज्य अथवा जिला मुख्यालयों में 169 मिशन, 77 इमीग्रेशन चेक पोस्ट, पांच विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय और विदेशी पंजीकरण कार्यालय आते हैं।

परियोजना व्यवस्था से मिशन में वीजा जारी करने के दौरान इमीग्रेशन चेक पोस्ट में जांच के दौरान और पंजीकरण के दौरान ली गई जानकारी साझा करने से अलग-अलग स्तर पर यात्री पहचान का प्रमाणीकरण और भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। यह एक बेहतर ट्रेकिंग के माध्यम से और सक्षम बनाने में सहयोगी होगा।

 


More Related Posts

Scroll to Top