जानिये किन खूबियों से लैस होगा जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 25 नवंबर को उत्तर प्रदेश में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। इस एयरपोर्ट से नवंबर 2024 तक उड़ानें शुरू हो जाएंगी। जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, पहले चरण में यहां 2 रनवे बनेंगे, जबकि दूसरे चरण में इसे बढ़ाकर 5 रनवे किया जाएगा। इस एयरपोर्ट को कुल 3300 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इसकी लागत 30 हजार करोड़ (अनुमानित) होगी। किसी भी शहर और दिशा से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसका भी खास ख्याल रखा गया है। यमुना एक्सप्रेसवे से एलिवेटेड सड़क सीधे एयरपोर्ट तक जाएगी।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तरी भारत का logistic गेटवे बनेगा। ये इस पूरे क्षेत्र को नेशनल गतिशक्ति मास्टरप्लान का एक सशक्त प्रतिबिंब बनाएगा।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की खासियतें

1) जेवर एयरपोर्ट पर दो रनवे तैयार होंगे--नौर्थ रनवे और साउथ रनवे। नॉर्थ रनवे पर ही VVIP टर्मिनल होगा। इस नॉर्थ रनवे से VVIP लोगों के विमान उड़ान भरेंगे. रनवे की लंबाई 4 किलोमीटर से भी ज्यादा है। इन दोनों रनवे के आसपास कुल 186 विमानों को पार्क करने के लिए स्टैंड मौजूद होंगे।

2) जेवर एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा कार्गो का हब होगा। एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल की क्षमता 20 लाख मीट्रिक टन होगी, जिसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन किया जाएगा। इस कार्गो हब से औद्योगिक उत्पादों की आवाजाही की सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

3) एयरपोर्ट के भीतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रुप में दूसरा विकल्प भी उपलब्ध होगा, जिसमें रेलवे स्टेशन शामिल हैं। जहां से यात्री मेट्रो या हाई स्पीड ट्रेन में सवार होकर करीब के शहरों में जा सकेंगे।

4) दोनों रनवे के आसपास कुल 186 विमानों को पार्क करने के लिए स्टैंड मौजूद होंगे।

5) पश्चिमी यूपी के शहरों को एयरपोर्ट से सीधा जोड़ने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की मदद लेकर बुलंदशहर से एक नई सड़क तैयार की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली वालों की सहुलियत के लिए मयूर विहार से महामाया फ्लाई ओवर तक एलिवेटेड रोड तैयार हो रहा है।

आसपास के शहरों से जेवर एयरपोर्ट की दूरी

a) नोएडा शहर से 60 किमी दूर है

b) गुड़गांव से 80 किमी की दूरी

c) गाजियाबाद से 75 किमी की दूरी

d) आगरा से 130 किमी की दूरी

e) IGI एयरपोर्ट से 72 किमी की दूरी

एयरपोर्ट पर ही होगी विमानों की मरम्मत

जेवर एयरपोर्ट पर देश का सबसे बड़ा हवाई जहाजों की मरम्मत करने का वर्कशॉप एमआरओ (मेंटिनेंस रिपेयरिंग एंड ओवरहॉलिंग) हब भी बन रहा है। इसी के चलते जेवर एयरपोर्ट पर 2 नहीं 5 रनवे बनाए जाने का प्रस्ताव पास हुआ है। जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक हवाई जहाजों के इंजन की मरम्मत का ज्यादातर काम सिंगापुर, श्रीलंका और दूसरे यूरोपीय देशों में कराया जाता है, लेकिन अब सरकार के इस कदम से एयर एवियशन कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी और आर्थिक बचत भी होगी।

भारत का पहला शुद्ध रूप से शून्य उत्सर्जन हवाई अड्डा

यह भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा होगा, जहां उत्सर्जन शुद्ध रूप से शून्य होगा। हवाई अड्डे ने एक ऐसा समर्पित भूखंड चिह्नित किया है, जहां परियोजना स्थल से हटाये जाने वाले वृक्षों को लगाया जायेगा। इस तरह उसे जंगलमय पार्क का रूप दिया जायेगा। एनआईए वहां के सभी मूल जंतुओं की सुरक्षा करेगा और हवाई अड्डे के विकास के दौरान प्रकृति का पूरा ध्यान रखा जायेगा।

 


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