मलेशिया ने भारत में बने हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस एमके-1ए (LCA Tejas) को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है । मलेशियाई वायुसेना (Malaysian Air Force) की एक टीम जल्द ही एलसीए के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए बेंगलुरु के दौरे पर आने वाली है। यह टीम हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के प्लांट का दौरा कर एलसीए तेजस के उत्पादन, सुविधाओं, परीक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे के साथ-साथ लड़ाकू विमान की क्षमता के बारे में पूरी प्राप्त करेगी।
स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देते हुए भारतीय वायु सेना ने 03 फरवरी, 2021 को बेंगलुरु में एयरो इंडिया-2021 के दौरान हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited) (एचएएल) के साथ 83 तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट की डील फाइनल की थी। उसी समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि कई देशों ने तेजस मार्क-1ए की खरीद में दिलचस्पी दिखाई है।
भारतीय वायुसेना द्वारा तेजस तेजस मार्क-1ए के लिए किये गए करार को देखते हुए मलेशियाई वायुसेना ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) को खरीदने की इच्छा जताई है ।
दरअसल, मलेशिया की वायुसेना लड़ाकू विमान खरीदने के लिए स्वीडिश कंपनी साब ग्रिपेन से सौदा करना चाह रही थी लेकिन उनके विमानों की तुलना में भारतीय एलसीए की कीमतें काफी कम हैं। इसके अलावा यह चीन-पाकिस्तान के संयुक्त फाइटर विमान जेएफ-17 की तुलना में अधिक आधुनिक और सक्षम है। एलसीए तेजस मार्क-1ए संस्करण डिजिटल रडार चेतावनी रिसीवर, एक बाहरी ईसीएम पॉड, एक आत्म-सुरक्षा जैमर, एईएसए रडार, रखरखाव में आसानी और एविओनिक्स, वायुगतिकी, रडार से लैस है। इसमें उन्नत शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (एएसआरएएएम) और एस्ट्रा एमके-1 एयर टू एयर मिसाइल लगाई जा सकती हैं। इसलिए यह विमान मलेशियाई वायुसेना ने अपनी जरूरतों के मुताबिक फिट पाया है।
मलेशिया को 12 विमानों की प्रारंभिक आवश्यकता
फिलहाल, मलेशिया को 12 विमानों की प्रारंभिक आवश्यकता है, भविष्य में 24 और एलसीए तेजस का सौदा किया जा सकता है। भारत ने मलेशिया के जमीनी सैनिकों और वायु कर्मियों को प्रशिक्षण देने के अलावा एलसीए बेड़े के लिए पूर्ण रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल सुविधा बनाने की पेशकश की है। भारत इस बारे में तीन वर्षों से मलेशिया के साथ बातचीत कर रहा है। 2019 में भारत ने लंगकावी में लीमा शो के लिए अपने दो एलसीए विमानों को भेजा था।