नीती पोस्ट में गत 3 जून को जीवन रक्षक दवाइयों के सही तापमान पर स्टोरेज पर विस्तृत जानकारी पोस्ट की थी। वो दौर था जब केंद्र एवं राज्य सरकार कोविड की दूसरी लहर में हुए मौतों पर मंथन कर रही थी। ज्ञात हो की उस समय ब्लैक फंगस इन्फेक्शन से सैकड़ो लोग प्रभावित हो रहे थे। दिल्ली सरकार ने तो रिटेल व थोक केमिस्ट से कोविड में इस्तेमाल होने वाले दवाइयों की उपलब्धता के लिए काफी सख्त कदम भी उठाये थे। केमिस्ट व दवा व्यावसाइयों पर जीवन रक्षक दवाइयों के ब्लैक करने के आरोप लग रहे थे उससे ऐसा प्रतीत होता था की दिल्ली सरकार अब इन पर नकेल कसेगी और स्वास्थ्य व्यवस्था भी दुरुस्त होंगी। लेकिन हुआ वही जिसका डर था। अब रिटेल केमिस्ट धडले से unlicensed एरिया में अपना काउंटर लगा कर और दवाइयों को तय तापमान पर स्टोर नहीं कर रहे है। इससे जीवन रक्षक दवाइयां अपनी गुणवत्ता खो ही रही हैं।

दिल्ली के जनकपुरी ,सफदरजंग, युसूफ सराय, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, बिजवासन, द्वारका व अन्य स्थानों पर रिटेल केमिस्ट और थोक विक्रेता ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 व उसके अंतर्गत नियमो की अवहेलना करते हुए दवाइयों को सही तापमान पर स्टोर नहीं कर रहे हैं। जिसका दुष्प्रभाव मरीज़ो पर हो रहा हैं। मरीज़ की जान से तो खिलवाड़ हो ही रहा हैं साथ ही उसे आर्थिक क्षति भी हो रहा हैं।
रिटेल केमिस्ट व थोक विक्रेता द्वारा ड्रग्स एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 व उसके अंतर्गत नियमो की अवहेलना से ड्रग कण्ट्रोल विभाग पूर्णतः परिचित हैं परन्तु इसकी निष्क्रियता मरीज़ो के लिए घातक सिद्ध हो रही हैं। एंटीबायोटिक्स,आई ड्रॉप्स,क्रीम,लोशन,इंजेक्शन,इन्सुलिन व अन्य जीवन रक्षक दवाइयों को 42 डिग्री से अधिक तापमान पर थोक विक्रेताओं द्वारा साइकिल व दो पहिया वाहन पर गत्ते या थैले में पैक करके लू के थपेड़ो के बिच सप्लाई की जाती हैं। फिर वही दवा 38 डिग्री से अधिक रूम टेम्परेचर पर रिटेल केमिस्ट के पास स्टोर की जाती हैं, जब तक वो बिक न जाए। लगभग हर दवा को 25 डिग्री से काम तापमान पर स्टोर करना अनिवार्य हैं। कई इंजेक्शन व इन्सुलिन ऐसे भी हैं जिन्हे दो से आठ डिग्री के दरमियान स्टोर किया जान चाहिए। परन्तु देश की राजधानी दिल्ली में जहाँ बिजली चौबीस घंटे उपलब्ध हैं, वहां दवाइयों को सही तापमान पर स्टोर न करना दिल्ली सरकार की सर्वोत्तम स्वास्थ्य व्यवस्था सेवा प्रदान करने के नाम पर कला धब्बा हैं।

हमने दिल्ली के कई इलाको का सर्वेक्षण किया और पाया की न सिर्फ unauthorised एरिया बल्कि द्वारका, जनकपुरी, साउथ दिल्ली जैसे पॉश एरिया में भी दवाइयों की स्टोरेज व्यवस्था राम भरोसे हैं।

उम्मीद हैं दिल्ली की जनता के हित में दिल्ली सरकार जीवन रक्षक दवाइयों के स्टोरेज पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सभी केमिस्ट व थोक विक्रेताओं को लाइसेंस्ड एरिया में काउंटर लगाने व दवा स्टोरेज पर दिल्ली ड्रग कण्ट्रोल विभाग को उचित निर्देश देंगे।