भारतीय रेल (Indian Railways) पूरे भारत में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास (Railway Station Redevelopment) के कार्यों में लगी है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि सरकार पीपीपी परियोजना के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ पूरी ताकत से इस कार्य को आगे बढ़ा रही है।
इसके तहत देश के 123 स्टेशनों के पुनर्विकास पर काम हो रहा है। इनमें से 63 स्टेशनों पर आई.आर.एस.डी.सी. तो वही 60 स्टेशनों पर आर.एल.डी.ए. काम कर रही है। एक अनुमान के मुताबिक 123 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए लगभग कुल 50,000 करोड़ रुपए के निवेश की आवश्यकता है।
इस सिलसिले में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन (Habibganj Railway Station) और गांधीनगर रेलवे स्टेशन (Gandhinagar Railway Station) की प्रगति की समीक्षा की। गोयल ने इन रेलवे स्टेशनों पर हवाई अड्डों के स्तर की सुविधाओं के विकास के लिए किए जा रहे कार्य और मल्टी मॉडल हब और वाणिज्यिक विकास के साथ शहरी विकास का सामंजस्य बिठाने के लिए सराहना की।
हबीबगंज रेलवे स्टेशन
हबीबगंज रेलवे स्टेशन भारतीय रेल का वह स्टेशन है जिसका सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है। इसका पुनर्विकास आई.आर.एस.डी.सी. द्वारा किया जा रहा है। पुनर्विकसित स्टेशन पर ‘आगमन और प्रस्थान के आधार पर यात्रियों के पृथक्करण’ की सुविधा होगी| इससे प्लेटफॉर्म और कॉनकोर्स पर भीड़ मुक्त आवाजाही हो सकेगी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स, लाउंजेस, शयनकक्ष और रिटायरिंग रूम में बैठने की पर्य़ाप्त व्यवस्था और दिव्यांग अनुकूल सुविधाओं जैसे कि लिफ्ट, एस्केलेटर्स और ट्रैवेलेटर्स की भी सुविधा होगी। स्टेशन पर नवीन सुरक्षा और सूचना विशेषताएं (फायर सेफ्टी, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए), एक्सेस कंट्रोल, स्कैनिंग मशीन, आधुनिक साइनेज और सूचना डिस्प्ले) लगी होंगी। इस स्टेशन का विकास सौर ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता उपकरण, पुनःउपयोग हेतु अपशिष्ट जल के उपचार के साथ लीड (LEED) ‘हरित इमारत’ मानकों के अनुसार किया जा रहा है।
गांधीनगर रेलवे स्टेशन
गांधीनगर रेलवे स्टेशन का विकास गांधीनगर रेलवे और शहरी विकास (गरुड) द्वारा किया जा रहा है| यह गुजरात सरकार और आई.आर.एस.डी.सी. द्वारा क्रमशः 74:26 के अनुपात में इक्विटी योगदान के साथ स्थापित एसपीवी है। गांधीनगर रेलवे स्टेशन भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना है जिसमें लाइव रेलवे ट्रैक्स पर 5-स्टार होटल बिल्डिंग होगी। रेलवे स्टेशन पर 105 मीटर में फैली प्लेटफॉर्म की छत स्तंभ मुक्त होगी, जो भारतीय रेलवे में सबसे बड़ी होगी। यात्रियों के बेहतर अनुभव के लिए इस रेलवे स्टेशन को सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है।
इन स्टेशनों का हो रहा है पुनर्विकास
वर्तमान में, महाराष्ट्र के नागपुर, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और अजनी स्टेशन, मध्य प्रदेश में हबीबगंज और ग्वालियर स्टेशन, गुजरात में गांधीनगर और साबरमती स्टेशन, उत्तर प्रदेश में अयोध्या और गोमती नगर स्टेशन, दिल्ली में सफदरजंग और नई दिल्ली स्टेशन, आंध्र प्रदेश में तिरुपति और नेल्लोर स्टेशन, उत्तराखंड में देहरादून, पंजाब में अमृतसर, केरल में एर्नाकुलम और केंद्र शासित पुडुचेरी में पुडुचेरी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य जारी है।