मोहन चरण माझी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में ओडिशा की पहली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह शाम 5 बजे जनता मैदान में आयोजित किया गया।
ओडिशा सीएम के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।
दो उपमुख्यमंत्री; पहली बार विधायक बनीं प्रावती परिदा और छह बार विधायक बने कनक वर्धन सिंह देव ने भी आज शपथ ली। माझी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि पहला काम ओडिशा की ‘अस्मिता’ की रक्षा करना है। उन्होंने कहा, “हमारी डबल इंजन सरकार मोदी की गारंटियों को पूरा करने और हाशिए पर पड़े लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए काम करेगी।
मोहन चरण मांझी (52) संथाली जनजाति से आते हैं और राज्य के क्योंझर जिले के रहने वाले हैं। उन्हें मंगलवार को ओडिशा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों से मुलाकात के दौरान यह घोषणा की।
मोहन चरण माझी का राजनीतक सफर
1997-2000 तक सरपंच के रूप में अपने राजनीतिक करियर शुरू करने वाले माझी 2000 में क्योंझर से पहली बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। 2004 में वे फिर से चुने गए। 2005 से 2009 तक वे बीजद-भाजपा गठबंधन सरकार में सरकार के उप मुख्य सचेतक रहे। 2019 में वे फिर से विधायक चुने गए। हालिया चुनावों में मांझी ने बीजद की मीना मांझी को 11,577 मतों से हराकर सीट बरकरार रखी। लोकसभा चुनावों के साथ-साथ हुए विधानसभा चुनावों में बहुमत मिलने के बाद भाजपा ओडिशा में अपनी पहली सरकार बनाएगी। राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव कल विधायकों की बैठक के लिए पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में राज्य की राजधानी में थे। गौरतलब है कि ओडिशा सम्पन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 147 में से 78 सीटकर जीतकर बहुमत हासिल की।