बुधवार से फिल्म निर्माता निर्देशक अनुराग कश्यप एवं फिल्म अभिनेत्री तापसी पन्नू तथा अनुराग कश्यप की कंपनी फंथम फिल्म के पार्टनर एवं टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी क्वान से जुड़े 28 ठिकानों पर शुरू हुए आयकर विभाग की छापेमारी का मामला बढ़ता ही जा रहा है|
जैसे ही अनुराग कश्यप एवं तापसी पन्नू पर आयकर विभाग की छापेमारी की खबर बाहर आई, विपक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले शुरू कर दिए| विपक्ष का आरोप है कि सरकार उन्हें परेशान कर रही है और बदले की कार्रवाई कर रही है| क्योंकि वह सरकार के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाते हैं| मोदी सरकार उनके मुंह को बंद करना चाह रही है|
इस आरोप-प्रत्यारोप में दिल्ली में किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहा संयुक्त किसान मोर्चा भी कूद पड़ा| संयुक्त किसान मोर्चा ने आरोप लगाया कि अनुराग कश्यप एवं तापसी पन्नू के खिलाफ इसलिए आयकर की छापेमारी हो रही है क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन किया था|
इस बीच गुरुवार को एक बड़ा धमाका करते हुए आयकर विभाग ने अनुराग कश्यप की कंपनी एवं उनके सहयोगियों के ऊपर हेरा फेरी कर बड़ी टैक्स चोरी का गंभीर आरोप जड़ दिया|
आयकर विभाग ने आरोप लगाया कि कागजों में हेराफेरी कर सैकड़ों करोड़ की टैक्स चोरी की गई है| फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बहुत ज्यादा हुआ लेकिन उसे कम करके दिखाया गया| फर्जी बिलों के जरिए खर्चों को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया गया| आयकर विभाग का दावा है कि उसके पास लगभग 300 करोड रुपए की हेराफेरी एवं अनियमितता के सबूत हाथ लगे हैं| कश्यप, उनके पार्टनर एवं कंपनी से जुड़े बाकी लोग कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं|
आयकर विभाग ने कागजों में हेराफेरी एवं शेयर अंडरवैल्युएशन के जरिए इनके ऊपर 350 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का आरोप भी लगाया है|
आयकर विभाग ने अनुराग कश्यप की कंपनी पर तापसी पन्नू को 5 करोड़ रुपिया नगद भुगतान करने का आरोप लगाया है तथा तापसी पन्नू पर भी टैक्स चोरी का आरोप लगाया है|
अगर आयकर विभाग के आरोपों को देखें तो पूरा मामला 500 करोड रुपए से ज्यादा की आयकर चोरी का बनता दिख रहा है|
इस पुरे मामले ने एक बार फिर बॉलीवुड की संदिग्ध वित्तीय लेनदेन एवं काल इतिहास की तरफ ध्यान खिंचा है| बॉलीवुड की वित्तीय लेनदेन में कभी भी पारदर्शिता नहीं रही है| बॉलीवुड के वित्तीय लेनदेन के नारको एवं टेरर फंडिंग से जुड़े होने एवं टैक्स चोरी के आरोप लगते रहे हैं|
अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से लेकर आतंकवादी दाऊद इब्राहिम तक फिल्मों में पैसा लगाते रहे हैं तथा अपने इशारे पर पूरे बॉलीवुड को नचाते रहे हैं| फिल्मों में अंडरवर्ल्ड की दखल एवं टेरर फंडिंग मामले में फिल्म निर्माता भरत शाह जैसे कई लोगों को सजा हो चुकी है|
बॉलीवुड की शिकायत थी कि उन्हें फिल्मों के लिए वित्तीय संस्थाओं से पैसा नहीं मिलता है इसलिए ऐसे ब्लैक मनी का प्रवेश फिल्मों में हो जाता हैं|
बॉलीवुड की इस शिकायत को दूर करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री सुषमा स्वराज ने बॉलीवुड को एक इंडस्ट्री यानी उद्योग का दर्जा दिया| जिससे कंपनियां फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आए और फिल्म निर्माण के लिए बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं से वित्तीय निवेश मिल सके|
आज कई बड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियां फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय है| लेकिन अभी भी बॉलीवुड अपनी पुरानी आदत एवं काला इतिहास को त्याग नहीं पाया है|
अपने आपको कानून से ऊपर मानने वाले बॉलीवुड में आयकर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग, नारकोटिक्स फंडिंग जैसी शिकायतें आम है|
नार्को यानी नशीली पदार्थों का कारोबार बॉलीवुड में किस कदर पैठ कर चुका है, वह हम सुशांत सिंह राजपूत मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की जांच में देख चुके हैं|
अंत में बॉलीवुड की भाषा में यही कह सकते है की गंदा है पर धंधा है ये|