अफगानिस्तान में तालिबान ने नई कार्यवाहक सरकार की घोषणा कर दी है। अंतरिम मंत्रिमंडल में मुल्ला हसन अखुंद Mullah Hasan Akhund नई सरकार के कार्यवाहक प्रधानमंत्री होंगे। मंत्रिमंडल के सभी सदस्य पुरूष हैं। मंत्रिमंडल के ज्यादातर सदस्य अफगानिस्तान के प्रमुख पश्तून जातीय समूह से है।
तालिबान प्रमुख हिबतुल्लाह अंखुदजादा Hibatullah Akhundzada सरकार के प्रमुख नेता होंगे। प्रधानमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल उनके नीचे होगा। हिबतुल्लाह अंखुदजादा कितना कट्टर आतंकी हो सकता है इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते है की 2017 में इसने खुद के बेटे को आत्मघाती हमलावर बना दिया। जो खुद के बेटे को बम से मरने के लिए भेज सकता है उसके लिए दुसरे के बेटे का क्या महत्व।
दोहा राजनीतिक कार्यालय ग्रुप के अध्यक्ष मुल्ला अब्दुल गनी बरादर Mullah Abdul Gani Baradar और मुल्ला अब्दुल सलाम हनाफी Mullah Abdul Salam Hanafi को उपप्रधानमंत्री बनाया गया है। तालिबान का उदारवादी चेहरा पेश करने वाले दोहा समूह को तो इस सरकार में काफी हद तक हाशिए पर डाल दिया गया है।
11 सितम्बर 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के 20 साल बाद अफगानिस्तान में तालिबान की नई सरकार अमेरिका की भारी पराजय है। जिन खूंखार आतंकी संगठनों के खात्मे के लिए अमेरिका अफगानिस्तान में आया था आज वही अफगानिस्तान की सत्ता में है। तालिबान की नई सरकार की घोषणा ने उन दावो को भी खोखला साबित कर दिया जो दावा कर रहे थे की तालिबान बदल चूका है।
अफगानिस्तान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडान के फसलो ने अमेरिका को पुरे विश्व के सामने मजाक का विषय बना दिया है। जिन आतंकवादियों पर अमेरिका लाखों – करोड़ों डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ था वह आज तालिबान की सरकार में मंत्री है।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री मुल्ला हसन अखुंद संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची में शामिल है। अंखुद कंधार से जुडे हुए हैं तथा तालिबान की पिछली सरकार में भी शामिल थे। मुल्ला ओमर के खास रहे मुल्ला हसन अखुंद ने 2001 में बामियान में बुद्ध की प्रतिमा को ध्वस्त करने में भूमिका निभाई थी। अंखुद पिछले बीस साल से अमरीका और सैन्य बलों पर हमलों में शामिल समूह नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष थे।
कुख्यात हक्कानी नेटवर्क Haqqani Network के प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी Sirajuddin Haqqani को गृहमंत्री बनाया गया है। अमरीका ने हक्कानी नेटवर्क को वैश्विक आतंकवादी संगठन किया हुआ है। अमरीका ने इस पर 50 लाख डॉलर का ईनाम रखा है।
तालिबान के संस्थापक मुल्ला मोहम्मद उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब Mulla Muhammad Yaqub को रक्षा मंत्री बनाया गया है।
पाकिस्तान से जुड़े हक्कानी नेटवर्क की स्थापना करने वाले सोवियत विरोधी सरदार जलालुद्दीन हक्कानी का बेटा सिराजुद्दीन हक्कानी आतंकवाद के लिए एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में है। तो उनके चाचा खलील हक्कानी हैं, जिन्हें शरणार्थियों के लिए कार्यवाहक मंत्री नामित किया गया है।
हक्कानी नेटवर्क वर्षों से कई हमलों में आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है। नेटवर्क पर फिरौती के लिए अपहृत पश्चिमी नागरिकों को रखने का भी आरोप है।
तालिबान कैबिनेट के 33 सदस्यों में से 17 संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में हैं। इसमें उनके अंतरिम पीएम, दो डिप्टी पीएम, आंतरिक, रक्षा और विदेश मामले शामिल हैं।