केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने घोषणा कि है की अगले एक साल में सभी टोल प्लाजा (toll plazas) खत्म कर दिए जाएंगे। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि सरकार अगले एक साल में सभी टोल प्लाजा को खत्म करने की योजना बना रही है, क्योंकि अब टोल प्लाजा का सारा काम तकनीक के जरिए होगा।
गाड़ियों में लगाया जाएगा GPS सिस्टम
गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है जिसमें आप जिस जगह से राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर चढ़ेगे, वहां जीपीएस की मदद से कैमरा आपकी फोटो लेगा और जहां आप राजमार्ग से उतरेंगे वहां की फोटो लेगा, इस तरह उतनी ही दूरी का टोल चुकाना होगा। उन्होंने बताया की तकनीक की मदद से लोगों को उतना ही टोल चुकाना होगा, जितना वो सड़क पर चलेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा की अब गाड़ियों में GPS सिस्टम लगाया जाएगा, जिसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा और इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी।
टोल का भुगतान के लिए 93 फीसदी गाड़ियां FASTag का उपयोग
लोकसभा में बसपा के सांसद दानिश अली (Danish Ali) ने यूपी के हापुड़ स्थित गढ़ मुक्तेश्वर के पास सड़क पर नगर निगम की सीमा में टोल प्लाजा होने का मुद्दा उठाया था। इसका उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा कि यह निश्चित तौर पर गलत है। देश के कई शहरों के भीतर टोल पहले बनाए गए। यह न सिर्फ गलत है बल्कि अन्यायपूर्ण है। ऐसे सभी टोल एक साल में खत्म हो जाएगा। इस तरह के टोल में चोरियां भी बहुत होती है।
उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा तो खत्म होगा लेकिन टोल देना होगा। नितिन गडकरी ने बताया कि 93 फीसदी गाड़ियां FASTag का उपयोग कर टोल का भुगतान करती हैं।