प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों से जोड़ा आत्मनिर्भर भारत अभियान को
कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर आयोजित पराक्रम दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान नेताजी के सपनों का भारत बनाने के लिए है|
प्रधानमंत्री ने कहा कि नेता जी को आज के भारत की ताकत, प्रगति, सफलता एवं आत्मनिर्भरता को देखकर गर्व होता होगा| हम सब पर उनका आशीर्वाद बना हुआ है|
The positive changes taking place in India today would make Netaji Subhas Bose extremely proud. #ParakramDivas pic.twitter.com/mdemUH4tey
— Narendra Modi (@narendramodi) January 23, 2021
भारत ने न सिर्फ कोरोना वायरस जैसी महामारी से सफलतापूर्वक लड़ा बल्कि हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में भी सफलता पाई है| आज हम दूसरे देशों को भी वैक्सीन प्रदान कर रहे हैं| आज हमारे पास ताकतवर राफेल है, तो स्वदेशी तेजस भी है| हमारी सेना LAC से लेकर LOC तक दुश्मनों को हम मुंह तोड़ जवाब दे रही हैं| आज हर क्षेत्र में देश की ताकत देखकर नेताजी को सुकून होता होगा कि उनके सपनों का भारत बन रहा है|
बंगाल की धरती को प्रणाम करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, मैं बंगाल की उस भूमि को नमन करता हूं जिसने बालक सुभाष को नेताजी सुभाष बनाया| प्रधानमंत्री ने कहा की बंगाल ने देश को कई महापुरुष दिए| गुरुदेव श्री रबीन्द्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, शरद चंद्र जैसे महापुरुषों ने इस पुण्य भूमि को राष्ट्रभक्ति की भावना से भरा है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस, चैतन्य महाप्रभु, श्री ऑरोबिन्दो, मां शारदा, मां आनंदमयी, स्वामी विवेकानंद, श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जैसे संतों ने इस पुण्यभूमि को वैराग्य, सेवा और आध्यात्म से अलौकिक बनाया है। ईश्वरचंद्र विद्यासागर, राजा राममोहन राय, गुरुचंद ठाकुर, हरिचंद ठाकुर जैसे अनेक समाज सुधारक सामाजिक सुधार के अग्रदूतों ने इस पुण्यभूमि से देश में नए सुधारों की नींव भरी है। जगदीश चंद्र बोस, पी सी रॉय, एस. एन. बोस और मेघनाद साहा अनगिनत वैज्ञानिकों ने इस पुण्य-भूमि को ज्ञान विज्ञान से सींचा है। ये वही पुण्यभूमि है जिसने देश को उसका राष्ट्रगान भी दिया है, और राष्ट्रगीत भी दिया है। इसी भूमि ने हमें देशबंधु चितरंजन दास, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और हम सभी के प्रिय भारत रत्न प्रणब मुखर्जी से साक्षात्कार कराया। मैं इस भूमि के ऐसे लाखों लाख महान व्यक्तित्वों के चरणों में भी आज इस पवित्र दिन पर प्रणाम करता हूँ।
I bow to the great land of West Bengal. pic.twitter.com/fSPjnTsqSU
— Narendra Modi (@narendramodi) January 23, 2021
मोदी ने कहा की नेताजी सुभाष चंद्र बोस, गरीबी को, अशिक्षा को, बीमारी को, देश की सबसे बड़ी समस्याओं में गिनते थे। मुझे संतोष है कि आज देश पीड़ित, शोषित वंचित को, अपने किसान को, देश की महिलाओं को सशक्त करने के लिए दिन-रात एक कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर को आत्मनिर्भर एवं सोनार बांग्ला से जोड़ते हुए कहा की नेताजी सुभाष, आत्मनिर्भर भारत के सपने के साथ ही सोनार बांग्ला की भी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। जो भूमिका नेताजी ने देश की आज़ादी में निभाई थी, आज वही भूमिका पश्चिम बंगाल को आत्मनिर्भर भारत अभियान में निभानी है। आत्मनिर्भर भारत अभियान का नेतृत्व आत्मनिर्भर बंगाल और सोनार बांग्ला को भी करना है। बंगाल आगे आए, अपने गौरव को और बढ़ाए, देश के गौरव को और बढ़ाए।