राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में अपना जवाब दिया। लोकसभा में प्रधानमंत्री का भाषण साहसिक एवं ऐतिहासिक था। पहली बार प्रधानमंत्री के स्तर पर लोकसभा के पटल से निजी निवेश एवं वेल्थ क्रिएटरो के देश निर्माण में योगदान को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास के लिए निजी निवेश, उद्योग एवं वेल्थ क्रिएटर के महत्व को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण युवा उद्यमियों के लिए हौसला बढ़ाने वाला था। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि उद्योग लगाना, व्यापार करना, पैसा कमाना पाप नही है। बल्कि देश के विकास एवं गरीबी दूर करने के लिए बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक युवा जब वेल्थ क्रिएशन में लगता है तो वह रोजगार का अवसर पैदा करता है तथा दूसरे युवाओं को रोजगार प्रदान करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उस सोच पर भी तीखा प्रहार किया, जो निजी निवेश, निजी उद्योग एवं वेल्थ क्रिएटरो को हेय दृष्टि से देखता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब निजी वेल्थ क्रिएटर को गाली देने से वोट मिलता था। लेकिन आज समय बदल गया है। एक समय होगा जब सरकार सबकुछ करती थी। एक IAS की परीक्षा पास कर ली तो वह खाद फैक्टरी से लेकर हवाई जहाज तक सबकुछ चलायेंगे यह सोच अब नही चल सकती। अगर आईएएस देश के नागरिक हैं तो वह युवा वेल्थ क्रिएटर, युवा इनोवेटर भी इसी देश का नागरिक हैं। आज ये युवा, ये निजी कंपनियां, उद्दमी, प्राइवेट वेल्थ क्रिएटर विश्व स्तर पर भारत का सम्मान एवं ताकत बढ़ा रहे है। प्रधानमंत्री के इस भाषण के बाद व्यापार एवं उद्योग जगत का आत्मविश्वास बढ़ेगा एवं देश में निजी पूंजीनिवेश बढ़ेगा और देश में आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी।