केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने गुरुवार को लोकसभा में गाड़ी स्क्रैपिंग नीति (Vehicle Scrapping Policy) की घोषणा की। इस नीति का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने और खराब गुणवत्ता वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इस्तेमाल से हटाने की व्यवस्था तैयार करनी है।
इससे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में आएगा बड़ा परिवर्तन
इस बारे में जानकारी देते हुए केन्द्रीय नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को कम करने से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि इससे वाहनों की ईंधन खपत कम होगी, उद्योगों के लिए कम कीमत में कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी और साथ ही केन्द्र तथा राज्य सरकारों के जीएसटी में वृद्धि होगी। गडकरी ने सदन को बताया कि गाड़ी स्क्रैपिंग नीति के लागू होने से देश में तीन करोड़ 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
मंत्री ने कहा, “हमारे देश में पीपीपी मोड में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और फिटनेस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट देने वाले इंस्टीट्यूट खोलना है। भावी स्लॉट ड्राइवरों की कमी है। लोगों को रोजगार चाहिए, तो आपके क्षेत्र में ये ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स, फिटनेस सेंटर्स और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट सेंटर आप खोलिए। भारत सरकार से इसके लिए अनुदान भी देंगे और आपको मदद भी करेंगे। बैंक भी इसके लिए लोन देने के लिए तैयार है। इससे रोजगार पैदा होगा| एलाइट सर्विस सेक्टर्स और आरएनडी के क्षेत्र में भी इसके कारण बहुत रोजगार मिलेगा।”
एक साल में स्वदेशी होगी आयन बैटरी
उन्होंने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करेगा| अगले एक साल में सौ प्रतिशत लिथियम आयन बैटरी का स्वदेश में उत्पादन होने लगेगा। फिलहाल 81% लिथियम आयन बैटरियां देश में बन रही हैं। उन्होंने सांसदों से उनके निर्वाचन क्षेत्रों में वाहनों के लिए फिटनेस केंद्र, प्रदूषण केन्द्र और ड्राइविंग केंद्र बनाने में सहयोग मांगा।
गाड़ी स्क्रैपिंग नीति की विशेषताओं और नए नियम