गुरुवार को रूस ने यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र दोनबास में विशेष सैन्य कार्रवाई (Russia special military operation in Ukraine) की शुरूआत कर दी है। रूस की सेना क्रीमिया के रास्ते यूक्रेन में घुस गई हैं। गुरुवार सवेरे यूक्रेन के कई शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गई। यूक्रेन की राजधानी कीव और खारकीव तथा देश के अन्य क्षेत्रों में बडे़ धमाके सुनाई दिए। राजधानी कीव में हवाईअड्डे के पास गोलीबारी की भी खबर है।
टेलीविजन पर अपने संदेश में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने रूस समर्थित विद्रोहियों का सामना कर रहे यूक्रेन के सैनिकों से समर्पण करने और अपने घरों को लौटने का आग्रह किया है । श्री पुतिन ने कहा कि यूक्रेन पर कब्जा करना रूस का मकसद नहीं है। पुतिन ने अन्य देशों को चेतावनी दी कि अगर किसी ने भी रूस की कार्रवाई में दखल दिया तो वह उनके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा।
उधर, यूक्रेन ने कहा है कि पुतिन ने यूक्रेन पर पूरी क्षमता से हमला कर दिया है। यूक्रेन के विदेशमंत्री दिमित्रो कोलेबा ने शहरों पर हुए हमलों को युद्ध करार देते हुए कहा है कि यूक्रेन अपनी रक्षा में जवाबी कार्रवाई करेगा और वह अपने प्रयास में सफल भी होगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस ने यूक्रेन की सीमा पर लगभग दो लाख सैनिकों और युद्धक वाहनों को तैनात किया है।
अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन पर रूस के हमले की कडी निन्दा करते हुए कहा है कि अमरीका और उसके गठबंधन देश मिलकर इस हमले का जवाब देंगे। श्री बाइडेन ने कहा कि विश्व समुदाय रूस के इस कदम को रोकेगा। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति पुतिन को जिम्मेदार ठहराया। बाइडेन ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने सुनियोजित ढंग से युद्ध का रास्ता चुना है, जिससे मानव जीवन की भारी क्षति होगी और लोगों की तकलीफें बढेंगी।
रूस ने हाल ही में यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्रों दोनेत्सक और लुहान्सक को एक स्वतंत्र गणराज्य के रूप में मान्यता देने के बाद यह सैन्य कार्रवाई की है।
इससे पहले, श्री पुतिन ने अमरीका और उसके सहयोगी देशों पर आरोप लगाया कि वे यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोकने की रूस की मांग की अनदेखी कर रहे हैं।