अगले वर्ष 2022 के शुरू में उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) होना है। चुनाव में अब लगभग 6 महीने का ही समय बचा है इसको देखते हुए राजनितिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति अभी से बनाना और उसे मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है।
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी भी एक के बाद एक मुद्दों को सामने लाकर के अभी से माहौल बनाना शुरू कर दिया है। जिसका ताजातरीन उदाहरण है जनसंख्या नियंत्रण कानून विधेयक। भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा मुद्दा है अयोध्या एवं श्रीराम मंदिर का मुद्दा।
उत्तर प्रदेश से आ रही ताजा सूचना के अनुसार, राजनितिक गलियारों में यह चर्चा है कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Chief Minister Yogi Adityanath आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने इस निर्णय की घोषणा श्रीराम मंदिर भूमि पूजन के प्रथम दिवस पर कर सकते हैं।
5 अगस्त 2020 को हुआ था श्रीराम मंदिर भूमि पूजन
अयोध्या श्रीराम मंदिर मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद से अयोध्या में एक भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण हो सके इसके लिए भारतीय जनता पार्टी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी ताकत लगा दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं आधारशिला रखी थी। भाजपा एवं योगी सरकार की कोशिश है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले श्रीराम मंदिर का प्रथम तल बन करके तैयार हो जाए।
अयोध्या में देश के पहले वैदिक स्मार्ट सिटी
प्रदेश सरकार अयोध्या को लेकर के एक बहुत बड़े विजन पर काम कर रही है| अयोध्या को न सिर्फ सबसे बड़े हिन्दू धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, बल्कि देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना है।
अयोध्या में देश के पहले वैदिक स्मार्ट सिटी की स्थापना होने जा रही है| अयोध्या में रामायण अध्यात्मिक वन की भी स्थापना होगी जिसमें प्रभु श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास की पूरी कहानी बताई जाएगी।
अयोध्या को लेकर 50 साल का मास्टर प्लान
अयोध्या को लेकर के सरकार 50 साल के मास्टर प्लान पर काम कर रही है। मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर काम हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के स्थापना के साथ साथ अयोध्या को हाई स्पीड ट्रेन से भी जोड़ने की योजना है। इसे हाईवे एवं एक्सप्रेस से जोड़ने का कार्य चल रहा है। अयोध्या के चारों तरफ रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को रुकने के लिए राज्य भवन एवं होटलों का निर्माण भी हो रहा है। अयोध्या में बहुत बड़े स्तर पर आर्थिक विकास एवं रोजगार के अवसर पैदा होने वाले है।
अयोध्या हिन्दू पुनर्जागरण एवं बलिदान का प्रतिक
अयोध्या को हिंदुओं के सबसे बड़े तीर्थ स्थल के साथ था इसे हिन्दुओं के स्वाभिमान एवं अस्मिता के केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्य योजना पर तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। अयोध्या हिन्दू पुनर्जागरण एवं बलिदान का भी प्रतिक बनने जा रहा है।
अयोध्या से चुनाव लड़ने का संदेश
अब यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अयोध्या से चुनाव लड़ने का निर्णय लेते हैं तो इसका राजनितिक, सामाजिक एवं धार्मिक संदेश बहुत बड़ा और बहुत व्यापक होगा। बिना कुछ कहे हुए इसका संदेश सीधे करोड़ों राम भक्तों के हृदय तक पहुंच जायेगा।