गणतंत्र दिवस की हिंसा के बाद किसान आंदोलन में फूट पड़ने लगी है| मंगलवार की हिंसा के बाद बुधवार को दो – दो किसान नेताओं ने आंदोलन खत्म कर हटने की घोषणा कर दी|
गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के साथ बैठे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता वी एम सिंह ने राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन से हटने की घोषणा कर दी है|
वी एम सिंह ने कहा कि आंदोलन इस तरह से नहीं चल सकता| आंदोलन मुद्दों पर होता है| हम अपने किसान साथियों को दिल्ली पिटवाने के लिए नहीं लाए हैं| उन्होंने आरोप लगाया की राकेश टिकैत ने पहले से निर्धारित रूट का उल्लंघन किया| उन्होंने मांग की की जिन लोगों ने पुलिस बैरिकेड थोड़ा उनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए|
वहीं दिल्ली - नोएडा के चिला बॉर्डर पर बैठे भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नेता भानु प्रताप सिंह ने भी आंदोलन से हटने की घोषणा कर दी है| उन्होंने कहा कि 26 जनवरी के दिन दिल्ली में जो हुआ वह शर्मनाक था| वह देश की शान के साथ समझौता नहीं कर सकते है| उन्होंने कहा कि किसानों को बदनाम एवं देश को शर्मसार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए|