थावरचंद गहलोत बनाए गए कर्नाटक के राज्यपाल, सरकार एवं पार्टी में होंगे बड़े बदलाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा अपने कैबिनेट में संभावित फेरबदल (Cabinet Reshuffle) की चर्चाओं के बीच मंगलवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत (Thawarchand Gehlot) को कर्नाटक का राज्यपाल (Governor of Karnataka) बना दिया गया। थावरचंद गहलोत के राज्यपाल बनाए जाने के साथ ही कैबिनेट की बहुप्रतीक्षित फेरबदल सुनिश्चित हो गया।

थावरचंद गहलोत के केंद्रीय कैबिनेट से हटने के साथ ही केंद्र सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी में होने वाले बड़े परिवर्तनों के संकेत भी मिलने शुरू हो गये हैं। इसके कई कारण है। कैबिनेट गहलोत प्रधानमंत्री मोदी की सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े दलित चेहरा है। वह राज्यसभा में सदन के नेता के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी की सबसे ताकतवर संसदीय बोर्ड के भी सदस्य हैं। उनके इस्तीफे के साथ सरकार एवं पार्टी में 4 रिक्तियां उत्पन्न हो रही है| पहला वह कैबिनेट से इस्तीफा दे रहे हैं जिससे एक कैबिनेट मंत्री का पद खाली हो रहा है| दूसरा वह राज्यसभा में सदन के नेता पद से हट रहे हैं इसलिए सदन के नए नेता नियुक्ति होगी| तीसरा वह राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे यानी किसी और व्यक्ति को राज्यसभा में लाने का रास्ता साफ होगा और चौथा भारतीय जनता पार्टी की सबसे ताकतवर संसदीय बोर्ड में भी है और वहां से भी इस्तीफा देंगे जिसे भरना होगा।

थावरचंद गहलोत के जाने के बाद से नरेंद्र मोदी सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी, दोनों जगह नए और बड़े दलित चेहरे आ सकते हैं।

चुकी सरकार में वह सबसे बड़े दलित चेहरा थे इसलिए उनके स्थान पर एक बड़े दलित चेहरे को सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में लाया जाएगा। इसी तरह से भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड में वह दलित चेहरा थे अतः उनके स्थान पर किसी बड़े दलित चेहरे को संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी की संसदीय बोर्ड मे हमेशा ही एक दलित चेहरा रहता है।

इसके अलावा चुकी थावरचंद गहलोत की सरकार से विदाई का मुख्य कारण था उनकी उम्र| तो क्या उसी आधार पर अन्य मंत्रियों को भी हटाया जायेगा जिनकी उम्र 70 वर्ष से ज्यादा है| इंतजार कीजिए, अगले कुछ दिनों में सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी में बहुत बड़े बदलाव हो होने जा रहे हैं।

 


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