पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा चुकी भारतीय जनता पार्टी अपनी छोटी-छोटी रणनीतिक योजनाओं को तेजी से अमलीजामा पहना रही है|
इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के वन मंत्री राजीब बनर्जी (Rajib Banerjee) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार से त्यागपत्र दे दिया है| शुभेंदु अधिकारी के बाद ममता सरकार एवं तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले राजीब बनर्जी दूसरे बड़े नेता है|
हावड़ा के दोमजूर से विधायक राजीब बनर्जी के भारतीय जनता पार्टी में जल्द शामिल होने की संभावना जताई जा रही है|
राजीब बनर्जी का तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना भाजपा के हावड़ा प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है|
पिछले लेख में मैंने बताया था कि भाजपा पश्चिम बंगाल के किन-किन क्षेत्रों में मजबूत एवं किन-किन क्षेत्रों में कमजोर है| मैंने बताया था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के किले राजधानी कोलकाता, हावड़ा, बीरभूम एवं दक्षिण बंगाल में सेंधमारी किए बिना भाजपा पश्चिम बंगाल की लड़ाई नहीं जीत सकती है|
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ममता बनर्जी के किले को तोड़ने के लिए भाजपा पश्चिम बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग योजना बनाकर अपनी पूरी चुनावी रणनीति को अमलीजामा पहना रही है|
भाजपा की योजना बहुस्तरीय है| एक तरफ जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार इन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, इसी कड़ी में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शनिवार को राजधानी कोलकाता पहुंच रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा इन क्षेत्रों से तृणमूल के बड़े नेताओं को तोड़ने में भी लगी है|
दक्षिण बंगाल में तृणमूल किले को भेदने के लिए भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दाहिना हाथ शुभेंदु अधिकारी को पहले ही अपने साथ मिला लिया है| वही बीरभूम से तीन बार से तृणमूल कांग्रेस के सांसद शताब्दी राय के भी तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है|
अब ताजा मामला हावड़ा से तृणमूल के बड़े नेता राजीब बनर्जी का है| राजीव बनर्जी भाजपा के हावड़ा प्लान का हिस्सा है| लोकप्रिय होने के साथ-साथ राजीब बनर्जी का हावड़ा क्षेत्र में काफी प्रभाव है| वह ममता बनर्जी के काफी करीबी भी बताए जाते हैं, लेकिन ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से उनकी नहीं बनती है| उनके इसी नाराजगी का उपयोग कर भाजपा राजीब बनर्जी को अपने साथ मिलाकर ममता बनर्जी के हावड़ा किले को ध्वस्त करना चाहती है|
इसमें कितनी सफलता मिलती है यह तो चुनाव में पता चलेगा| लेकिन एक बात तो स्पष्ट है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के एक-एक क्षेत्र को लेकर रणनीति बनाई है तथा तेजी से अपने चुनावी रणनीतिक योजनाओं को जमीन पर लागू कर रही है|