उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (UP BJP) को भारतीय किसान यूनियन के नेता एवं किसान आंदोलन के चेहरा राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) एवं उनके पिता नंद कुमार बघेल (Nand Kumar Baghel) को बड़े गुलदस्ते के साथ धन्यवाद कहना चाहिए।
सबसे पहले बात करते हैं राकेश टिकैत की। कुछ दिन पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत हुआ। इससे भाजपा के खिलाफ बड़ी रैली एवं किसानों के आक्रोश के रूप में प्रदर्शित करने के मौके के रूप में देख जा रहा था। ताकि चुनाव से ठीक 6 माह पूर्व भाजपा के खिलाफ जनता में आक्रोश को हवा दी जा सके। लेकिन रैली के दौरान जो कुछ हुआ उससे भाजपा के चेहरे पर मुस्कान जरूर आ गयी होगी। मुजफ्फरनगर की रैली में मंच से राकेश टिकैत ने अल्लाह हू अकबर का नारा लगाया तो जाहिर है भाजपा के चेहरे पर मुस्कान तो आएगी ही।
मुजफ्फरनगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट राजनीति का केंद्र रहा है। मुजफ्फरनगर एवं आसपास का क्षेत्र संप्रदायिक रूप से भी बहुत ही संवेदनशील रहा है। 2017 से पहले यहां आए दिन दंगे होते रहते थे। मुजफ्फरनगर में 2013 में भयंकर दंगा हुआ था। जो मुख्य रूप से मुस्लिम एवं जाट समाज के बीच हुआ था। जाट समाज ने उस घटना को अपनी अस्मिता एवं बहू बेटी की इज्जत से जोड़ा था।
जाहिर है इस पृष्ठभूमि में अगर अपने आपको जाटों का नेता कहने वाले राकेश की जब मुस्लिम धार्मिक नारा अल्लाह हू अकबर का नारा लगाएंगे तो उसका राजनीतिक परिणाम तो होगा ही। यह ठीक है राकेश टिकैत ने यह नारा किसान एकता के लिए लगाई हो लेकिन चुनाव से ठीक 6 माह पहले जब ऐसी स्थिति आती है तो भाजपा उसे राजनीतिक मुद्दा बनाए बिना कैसे छोड़ सकती है, वह भी तब जब अफगानिस्तान में इस्लामी कट्टरपंथी आतंकी संगठन तालिबान के कब्जे से पूरे विश्व में हाहाकार मचा हो।
भाजपा जाटों के उस वर्ग को टारगेट करेगी जो उस नारे से असहज है। भाजपा राकेश टिकैत के उस वीडियो क्लिप को सुना सुना कर अपने वोट बैंक को मजबूत करेगी और किसान आंदोलन से होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करेगी।
अब बात करते हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं उनके पिता नंद कुमार बघेल की।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में पिछले कई सालों से ब्राह्मणों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस द्वारा लगातार भाजपा को ब्राह्मण विरोधी साबित करने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस के नेता लगातार यह कहते रहे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में ठाकुरवाद चल रहा है तथा ब्राह्मण प्रताड़ित हो रहा है।
लेकिन लगता है की चुनाव से 6 माह पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल ने कांग्रेस के सारे किए कराए पर पानी फेर दिया है।
कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नंद कुमार बघेल ने ब्राह्मणों के खिलाफ जहरीला बयान दिया था। उन्होंने कहा था, वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा। हम आंदोलन करेंगे। ब्राह्मणों को गंगा से वोल्गा (रूस की एक नदी) भेजेंगे। क्योंकि ब्राह्मण विदेशी है। अंग्रेज आए और चले गए उसी तरह यह ब्राह्मण या तो सुधर जाए या फिर गंगा से वोल्गा जाने को तैयार रहे।
हालांकि इस बयान के बाद नुकसान की भरपाई के लिए नंद कुमार बघेल के खिलाफ रायपुर में एफआईआर दर्ज की गई तथा उनके पुत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदेश पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
वैसे बौद्ध धर्म अपना चुके नंद कुमार बघेल अपने ब्राह्मण एवं हिंदू विरोधी बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस तरह का उनका पुराना इतिहास रहा है जिसमें हिंदू देवी देवताओं का अपमान भी शामिल है। 20 साल पहले ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगलते हुए ‘ब्राह्मण कुमार रावण को मत मार’ शीर्षक से किताब लिखी थी। नंद कुमार बघेल का कहना था कि उनकी किताब मनुस्मृति, बाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस एवं पेरियार की सच्ची रामायण कि नए दृष्टिकोण से व्याख्या है। लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार ने उस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया था। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भी प्रतिबन्ध को सही ठहराया था।
नंद कुमार बघेल के ब्राह्मणों के खिलाफ दिए बयान से सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को होने वाला है। कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोट में बड़ी सेंधमारी के चक्कर में है। कांग्रेस ब्राह्मणों को भाजपा एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भड़का रही थी। लेकिन अब ब्राह्मण कांग्रेस के खिलाफ ही भड़के हुए हैं।
राजनीति में समय का बहुत महत्व होता है। चुनाव से ठीक 6 माह पहले आए इन दोनों बयानों का भाजपा अपने पक्ष में जरूर उपयोग करेगी।