एयर मार्शल विवेक राम चौधरी (VR Chaudhary) ने गुरुवार 30 सितंबर को भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) IAF के नए प्रमुख के रूप में कमान संभाल ली है। रक्षा मंत्रालय ने विवेक राम चौधरी को नया वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया है। वायुसेना बनने से पूर्व विवेक राम चौधरी भारतीय वायुसेना के उप-प्रमुख के रूप में तैनात थे। एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी के सम्मान में एक औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर वायुसेना मुख्यालय के प्रधान स्टाफ अधिकारियों की उपस्थिति में चीफ ऑफ एयर स्टाफ का दायित्व संभाला। वीआर चौधरी वायुसेना चीफ के पद पर अगले 3 साल तक रहेंगे। उनका कार्यकाल सितंबर 2024 में खत्म होगा।
1982 में हुए थे शामिल
एयर मार्शल विवेक राम चौधरी 29 दिसंबर 1982 को भारतीय वायुसेना की युद्धक शाखा में शामिल हुए थे। वे एनडीए के छात्र रहे हैं और उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज से स्नातक किया है। 1 जुलाई 2021 को एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा की जगह पर वे 45वें वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ बने थे। इससे पहले वे एयरफोर्स एकेडमी में इस्ट्रक्टर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। विवेक राम के पास मिग-21, मिग-23MF, मिग-29 और सु-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव है। वायुसेना में अपनी सर्विस के दौरान विवेक राम अब तक 3800 घंटे से ज्यादा देर तक लड़ाकू विमान उड़ा चुके हैं।
वायु सेना मेडल-अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित
एयर मार्शल को वर्ष 2004 में वायु सेना मेडल, 2015 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और साल 2021 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
इन बड़े ऑपरेशनों का रहे हिस्सा
विवेक राम चौधरी, भारतीय वायु सेना के कुछ बेहद अहम मिशन का हिस्सा रहे हैं। उन्हीं में ऑपरेशन मेघदूत और ऑपरेशन सफेद सागर शामिल हैं। उन्होंने मिग-29 स्क्वाड्रन की कमान, फॉरवर्ड बेस की कमान और वायु सेना स्टेशन पुणे की कमान समेत कई फील्ड पोजिशन पर काम किया है।
जहां से शुरू, वहीं पर खत्म
आज सेवानिवृत्त हुए वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया के 41 साल लम्बे शानदार करियर की खासियत रही है कि उन्होंने वायु सेना प्रमुख के रूप में जिस ‘पैंथर्स’ स्क्वाड्रन, हलवारा एयरबेस से मिग-21 में पहली उड़ान भरी थी, वहीं रिटायर होने से पहले फिर उसी एयरबेस पर और उसी स्क्वाड्रन के साथ 13 सितम्बर को मिग-21 में अंतिम उड़ान भरकर वायुसेना प्रमुख का अपना करियर समाप्त किया।
1980 में हुए थे शामिल
एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया 15 जून 1980 को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू दस्ते में शामिल किये गए थे। दो साल पहले 30 सितंबर 2019 को एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ के कार्यमुक्त होने के बाद वह 26वें वायुसेना प्रमुख बने थे। ओवर आल मेरिट क्रम में पहला स्थान प्राप्त करने पर उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जा चुका है।
ऐसा रहा 26वें वायुसेना अध्यक्ष का सफर
1) पुणे की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रशिक्षित
2) बांग्लादेश के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज से रक्षा अध्ययन में परास्नातक, चार दशक लंबा करियर
3) 1980 में वायुसेना के लड़ाकू दस्ते में शामिल हुए
4) 5,000 घंटे से अधिक विमान उड़ाने का अनुभव
5) 26 तरह के लड़ाकू और परिवहन विमान उड़ाए
प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित
राकेश भदौरिया को वर्ष 2002 में वायुसेना मेडल (वीएम), 2013 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और 2018 में परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम) से नवाजा गया था।
कई अहम पद संभाले
आरकेएस भदौरिया मार्च 2017 से जुलाई 2018 तक दक्षिणी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पद पर रहे। इसके बाद अगस्त 2018 में वायुसेना की प्रशिक्षण कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला। मई 2019 में एयर मार्शल अनिल खोसला के सेवानिवृत्त होने पर वे वायुसेना के उपाध्यक्ष पद पर काबिज हुए।
‘तेजस’ परियोजना के निदेशक
आरकेएस भदौरिया ने ए श्रेणी के उड़ान प्रशिक्षक, अग्रिम मोर्चे पर तैनात दक्षिण-पश्चिमी कमान के जगुआर दस्ते की कमान संभाली। इसके अलावा वे राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र में ‘तेजस’ परियोजना के निदेशक, चीफ टेस्ट पायलट पद पर सेवाएं दे चुके हैं। जनवरी 2016 से फरवरी 2017 तक उन्होंने वायुसेना के डिप्टी प्रमुख रहे, विमान प्रशिक्षण दस्ते का नेतृत्व किया। आरकेएस भदौरिया को जनवरी 2019 में एड-डि-कैंप (युद्धभूमि में राष्ट्राध्यक्ष के सहायक की पदवी) की मानद उपाधि से नवाजा गया था।