पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: क्या नंदीग्राम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घबराई हुई है?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है और अब सबकी निगाहें दूसरे चरण के मतदान पर टिकी हुई है| आगामी 1 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होगा और इसके लिए चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है| दुसरे चरण में ही नंदीग्राम में भी मतदान होने हैं जहां पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं उनके पूर्व सहयोगी रहे और अब भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला होना है|

जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ रहा है, तृणमूल कांग्रेस के कैंप में एक बेचैनी साफ नजर आ रही है| पहले चरण के मतदान के बाद यह बेचैनी और ज्यादा बढ़ी हुई दिखाई दे रही है|

इस बेचैनी यानी पैनिक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर कुछ ऐसे कदम भी उठा देते हैं उल्टा पड़ जा रहा है|

पिछले दिनों एक ऑडियो टेप वायरल हुआ जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल से भारतीय जनता पार्टी में आए एक नेता को फोन कर अपने लिए समर्थन मांग रही थी| भाजपा नेता का दावा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फोन करके उनसे अनुरोध किया कि वह उनके साथ आ जाएं चुनाव में उनका सहयोग करें| लेकिन उन्होंने विनम्रता पूर्वक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का साथ देने से मना कर दिया|

हालांकि, यदि फोन पर हुए बातचीत की सत्यता प्रमाणित होने तक, इस को दरकिनार कर भी दें तो भी कुछ घटनाओं एवं उसके संकेतों को दरकिनार करना आसान नहीं है|

जिस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पूरे पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताने की जिम्मेदारी है वह अगले 3 दिन तक सिर्फ और सिर्फ नंदीग्राम में चुनाव प्रचार करेंगी| यानी रविवार से लेकर के मंगलवार तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम में ही रहेंगी और अपने लिए चुनाव प्रचार करेंगी और वोट मांगेंगी| इस दौरान नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार को एक रैली तथा सोमवार एवं मंगलवार को दो रोडशो एवं लगभग सात रैलियों को संबोधित करेंगी|

मंगलवार को ही दूसरे चरण का चुनाव प्रचार समाप्त हो रहा है| अर्थात दूसरे चरण का चुनाव प्रचार समाप्त होने तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब नंदीग्राम से बाहर नहीं निकलेंगी|

पिछले कुछ दिनों से एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिसे महसूस हो रहा है कि कहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी तो नंदीग्राम में घबराई हुई नहीं है? ममता बनर्जी एवं शुभेंदु अधिकारी में से नंदीग्राम में कौन जीतेगा इसका स्पष्ट अंदाजा लगाना मुश्किल है| लेकिन एक चीज तो स्पष्ट है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम में दबाव में है और वह अपनी जीत को लेकर के अस्वस्थ नहीं है|

 


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