पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावी मैदान में भाजपा ने सांसदों को क्यों उतारा?

भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के तीसरे एवं चौथे चरण के लिए पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी| इस सूची में कई बड़े नाम शामिल है| लेकिन सबसे ज्यादा चौका या चार सांसदों को चुनाव मैदान में उतारना, जिसमें केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो भी शामिल है|

पार्टी ने आसनसोल से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) को इस बार राजधानी कोलकाता की टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है| टॉलीगंज बंगाली फिल्म इंडस्ट्री यानी टॉलीवुड का गढ़ है| फिल्म कलाकारों से भरे इस सीट पर भाजपा ने भी एक फिल्म कलाकार एवं पार्टी के बड़े नाम बाबुल सुप्रियो पर दांव खेलने का निर्णय लिया है|

वही पार्टी ने हुबली से लोकसभा सांसद लॉकेट चटर्जी (Lockett Chatterjee) को विधानसभा क्षेत्र चुनचुरा से तथा कूचबिहार से लोकसभा सांसद निशित प्रमाणिक (Nishit Pramanik) को दिनहटा से चुनाव मैदान में उतारा है| तो राजसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता (Swapan Dasgupta) को तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा गया है|

अब प्रश्न है की पार्टी द्वारा इस तरह से लोकसभा सांसदों को चुनाव मैदान में उतारने का आखिर क्या कारण है| पार्टी के नेताओं का कहना है कि इसकी दो - तीन कारण है| पहला कारण तो यही है की पार्टी विधानसभा चुनाव में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है और पूरी ताकत के साथ जीतने के लिए चुनाव मैदान में उतर रही है|

जब बड़े नेता चुनाव मैदान में उतरते हैं तो चुनाव का माहौल बनता है और जोश पैदा होता है| ऐसी स्थिति में है वह न सिर्फ अपनी, बल्कि अगल-बगल की सीटों को भी प्रभावित करते हैं|

पार्टी को मालूम है कि वह तब तक पश्चिम बंगाल की सत्ता में नहीं आ सकती, जब तक वह राजधानी कोलकाता के आसपास के शहरी क्षेत्रों में ममता बनर्जी के गण को नहीं तोड़ देती| इसलिए पार्टी इन क्षेत्रों में बड़े नामों को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया है| उसी रणनीति के तहत केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को भी इस बार कोलकाता से चुनाव मैदान में उतारा गया है| वह बंगाली फिल्म इंडस्ट्री टॉलीवुड की गड़, टॉलीगंज से चुनाव मैदान में उतरे हैं| लॉकेट चटर्जी एवं स्वपन दासगुप्ता को भी उसी रणनीति के तहत कोलकाता की आसपास की सीटों से चुनाव मैदान में उतारा गया है| जबकि उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ को मजबूत बनाए रखने के लिए निशित प्रमाणिक को चुनाव मैदान में उतारा गया है|

इसके अलावा बड़ी संख्या में बड़े बंगाली चेहरों को चुनाव मैदान में उतार कर भाजपा ममता बनर्जी की बंगाली बनाम बाहरी की राजनीतिक अभियान की धार को भी कुंद कर देना चाहती है|

आने वाले चरणों में राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली जैसे कुछ और बड़े नामों को भी पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है|

 


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