अगले 30-40 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बने अयोध्या की विकास योजनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 30-40 साल की आवश्यकताओं के ध्यान में रखकर श्रीराम नगरी अवधपुरी अयोध्या की समग्र विकास के लिए योजनायें तैयार करने का निर्देश दिया है|

प्रगति बैठक में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह अयोध्या कि अगले 30 40 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं बनाएं| प्रधानमंत्री का कहना था कि अयोध्या में भगवान श्री राम की भव्य मंदिर के निर्माण के बाद भारी संख्या में देश विदेश के पर्यटक अयोध्या पहुंचे| धार्मिक दृष्टि से तो अयोध्या बहुत बड़ा तीर्थ स्थल है ही यहां बड़ी संख्या में देश विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे| इसके अतिरिक्त सामान्य पर्यटकों के लिए भी अयोध्या देश के मुख्य आकर्षण केन्द्रों में से एक के रूप में विकसित होने जा रही है|

श्रीराम मंदिर बनकर तैयार होने के बाद अयोध्या एवं उसके आसपास की पहचान बदलने वाली है| यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करने वाला है|

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी विकास योजनाएं बनानी चाहिए, जो अगले 30-40 साल की आवश्यकताओं को पूर्ण कर सके|

उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अयोध्या में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम भगवान श्री राम के नाम पर रखने का निर्णय लिया है| अयोध्या के हवाई अड्डे का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा होगा|

 


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