उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने साधा जातीय समीकरण

उत्तर प्रदेश से 10 और उत्तराखंड से 1 खाली हो रही राज्यसभा की सीटों के लिए हो रहे चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है| पार्टी ने उत्तर प्रदेश से 8 उम्मीदवारों की सूची जारी की है| इसबार पार्टी ने न सिर्फ राजनितिक एवं जातीय समीकरण को साधने की कोशिश की है बल्कि पार्टी के प्रति निष्ठावान हरे नेताओ-कार्यकर्ताओ को पुरष्कृत भी किया गया है|

दो ब्राह्मण, दो क्षत्रिय, दो ओबीसी तथा एक दलित

पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों में दो ब्राह्मण, दो क्षत्रिय, दो ओबीसी तथा एक दलित है| भाजपा ने एक तरफ केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह एवं नीरज शेखर को एक बार फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है वही कल्याण सिंह की सरकार में मंत्री रहे पार्टी के पुराने निष्ठावान कार्यकर्त्ता हरिद्वार दुबे को भी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है| बाकि उम्मीदवार है बृजलाल, श्रीमती गीता शाक्य, बी एल वर्मा एवं श्रीमती सीमा द्विवेदी | उत्तराखंड से भाजपा ने नरेश बंसल को उम्मीदवार बनाया है|

ब्राह्मणों को साधने की कोशिश 

पिछले कुछ समय से विपक्ष विशेषकर कांग्रेस ब्राह्मणों को भाजपा के खिलाफ भड़काने की कोशिश में लगी हुई है|  कांग्रेस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ठाकुरवाद का आरोप लगाकर उनकी सरकार को ब्राह्मण विरोधी घोषित करने की कोशिश  लगातार कर रही है| आगरा छावनी के दो बार के पूर्व विधायक और पूर्व राज्यमंत्री हरिद्वार दुबे को टिकट देकर भाजपा ने ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की है। दुबे सीतापुर, अयोध्या और शाहजहांपुर में आरएसएस के जिला प्रचारक रहे हैं। मूल रूप से बलिया के निवासी हैं। लंबे समय से आगरा में राजनीति कर रहे हैं। वर्ष 1969 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री बन आगरा आए थे। तभी से यहां की राजनीति में हैं। 1989 एवं 1991 में आगरा छावनी से विधायक रहे|

पूर्व डीजीपी बृजलाल भी जायेंगे राज्यसभा  

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष रह चुके पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने दलित समाज को भी सन्देश देने की कोशिश की है| पूर्व मुख्मंत्री मायावती के शासन के दौरान उत्तर प्रदेश के डीजीपी रहे बृजलाल तेजतरार अधिकारी माने जाते रहे| 2014 में सेवानिवृति के वाद 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए बृजलाल, दलित मुद्दे पर पार्टी का बचाव करते रहे है|

राज्यसभा में भाजपा की बढ़ेगी ताकत 

इन सीटों पर चुनाव नौ नंवबर को होगा और परिणाम भी उसी दिन शाम तक घोषित हो जाएगा। इन सीटों का कार्यकाल 25 नंवबर को खत्म हो रहा है। चुनाव के बाद राज्यसभा में एक तरफ जहाँ भाजपा की ताकत और बढ़ेगी वही विपक्ष और कमजोर होगा| मौजूदा समय में राज्यसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या 86 है। हालांकि जिन खाली हो रहे 11 सीटों पर चुनाव हो रहे है, उनमें तीन सीटें भाजपा की भी है।

इनका हो रहा है कार्यकाल ख़त्म 

उत्तर प्रदेश की जिन दस सीटों पर चुनाव होने जा रहे है, उनमें से चार सीटें अभी समाजवादी पार्टी के पास है, जबकि तीन भाजपा के पास, दो बसपा और एक कांग्रेस के पास है।

हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, नीरज शेखर, प्रोफेसर राम गोपाल यादव, डा. चंद्रपाल सिंह यादव, जावेद अली खान, रवि प्रकाश वर्मा, पीएल पूनिया, राजाराम, वीर सिंह और राजबब्बर। राज्यसभा के इन सभी 11 सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है।


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