प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार से बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू कर दिया | उन्होंने सासाराम, गया एवं भागलपुर में तिन रैलियां की | भाजपा ने कोरोना संकट के समय अधिक से अधिक लोगो तक पहुचने के लिए डिजिटल तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग कर हर विधानसभा में प्रधानमंत्री के भाषण को प्रसारित करने की व्यवस्था की थी|
रैली में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला और कहा की बिहार को लुटने वालों को दुबारा मौका नही मिलेगा, बिहार लालटेन युग से बहुत आगे निकल चूका है|
विपक्ष को बिचौलियों की चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की विपक्ष देशहित में लिए गए हर फैसले का विरोध करता है| चाहे किसानो की समृधि के लिए बनाये गये कृषि कानून हो, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला हो, देश की सुरक्षा के लिए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला हो, आतंकवाद के खिलाफ कार्यवाई हो, गलवान एवं पुलवामा का मामला हो या फिर उच्चतम न्यायालय द्वारा अयोध्या में भव्य राममंदिर के निर्माण का निर्णय हो विपक्ष ऐसे सभी निर्णयों का विरोध करता है| विपक्ष को देश के किसानो की नहीं बिचौलियों की चिंता है इसीलिए वह कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है| बिचौलियों के लिए ही विपक्ष ने राफेल का विरोध भी किया| विपक्ष जिसकी सहायता लेना चाहे ले, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटने वाला|
प्रधानमंत्री ने नही लिया चिराग का नाम
प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर भी हमले किये | लेकिन जिस तरह लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान खुद को प्रधानमंत्री का हनुमान बताते हुए मुख्यमंत्री नितीश कुमार पर हमले कर रहे है उससे सबलोग विशेषकर मुख्यमंत्री नितीश कुमार इंतजार कर रहे थे की प्रधानमंत्री मोदी चिराग पासवान पर भी अपनी बात कहेंगे| लेकिन प्रधानमंत्री ने न तो चिराग पासवान का नाम लेकर और नही बिना नाम लिए उनके बारे में कुछ कहा| प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं चिराग पासवान के पिता रामविलास पासवान को श्रधांजलि व्यक्त करते हुए किया| प्रधानमंत्री ने कहा की बिहार के महानसपुत दलित, पिछडो एवं गरीबो की आवाज रामविलास पासवान अपने अंतिम साँस तक उनके सहयोगी बन रहे|
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने ट्विट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने पिता के प्रति इस विनम्र श्रधांजलि के लिए धन्यवाद भी कहा|
अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रधानमंत्री पर निर्भर है नितीश कुमार
मुख्यमंत्री नितीश कुमार के लिए यह चुनाव बहुत ही कठिन है| उनके प्रति जनता विशेषकर भाजपा समर्थको में गुस्सा बहुत ज्यादा है| जिस नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री नितीश कुमार बिहार में घुसने नहीं देते थे, जिनके कारण भाजपा से 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया था, आज अपनी कुर्सी बचाने के लिए पुर्णतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निर्भर है| उन्हें उम्मीद है की जनता में जो भी नाराजगी है, प्रधानमंत्री के अपील पर अंततः NDA को ही वोट करेंगे|
बिहार में लागु होगी स्वामित्व योजना
प्रधानमंत्री ने किसान, गरीब कल्याण, बिजली – पानी – सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत निर्माण एवं विकास कार्यो की चर्चा करने के साथ ही चुनाव बाद बिहार में भी स्वामित्व योजना लागु करने की बात कही| ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा झगडे एवं मुक़दमे घरो एवं जमीनों के स्वामित्व को लेकर होता है| स्वामित्व योजना के तहत सभी घरो एवं जमीनों का ड्रोन द्वारा सरबे करके जिओ टैगिंग कर स्वामित्व का स्मार्ट कार्ड दिया जायेगा| इससे बड़े स्तर पर जमीन से जुड़े विवादों से छुटकारा मिल सकता है|
मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढाई हिंदी में
शिक्षा के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा की नई शिक्षा निति के तहत न सिर्फ प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा दी जाएगी बल्कि मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं अन्य तकनिकी शिक्षा भी मातृभाषा में दी जा सके सरकार इस सम्बन्ध में बहुत जल्द निर्णय लेने जा रही है| प्रधानमंत्री ने इस निर्णय को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर को श्रधांजलि बताया| मालूम की बिहार भाजपा पहले ही ये पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम में उपलब्ध करने की घोषणा कर चुकी है|