अमरीका रोहिंग्या और बर्मा के लोगों का समर्थन जारी रखेगा - एंथनी ब्लिंकन

अमरीका, बांग्‍लादेश सहित क्षेत्र से रोहिंग्‍या शरणार्थियों की बस्‍ती महत्‍वपूर्ण रूप से बढायेगा। इससे रोहिंग्‍या (Rohingya), अमरीका में जीवन अच्‍छी तरह से बिता सकेंगे। अमरीकी विदेश विभाग की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि म्‍यांमा से रोहिंग्‍याओं को जबरन निकाले जाने के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह फैसला किया गया है।

विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने कहा कि अमरीका स्‍वतंत्रता और समावेशी लोकतंत्र के लक्ष्‍य के अनुरूप रोहिंग्‍या और बर्मा के लोगों का समर्थन जारी रखेगा। उन्‍होंने कहा कि बर्मा में न्‍याय और जवाबदेही तय करने, आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने तथा सभी लोगों के मानवाधिकारों और प्रतिष्‍ठा की सुरक्षा के उपाय जारी रहेंगे।

बांगलादेश सरकार और क्षेत्र में रोहिंग्‍याओं को शरण देने वाली अन्‍य सरकारों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए श्री ब्लिंकन ने कहा कि अमरीका ने बर्मा, बांग्‍लादेश और क्षेत्र में अन्‍य स्‍थानों पर संकट से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक अरब 70 करोड़ डॉलर से अधिक राशि उपलब्‍ध कराई है।

अमरीका ने, अंतर्राष्‍ट्रीय न्‍यायालय में नरसंहार संधि के तहत म्‍यांमा के विरोध में गाम्बिया के प्रस्‍ताव का समर्थन किया है। अमरीका अंतर्राष्‍ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के जनादेश के अनुरूप सैन्‍य कार्रवाई के लिए न्‍याय और उत्‍तरादायित्‍व के हित में संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के उपायों का समर्थन करता है।

इस बीच, बांग्‍लादेश के कोक्‍स बाजार क्षेत्र में शरणार्थियों के शिविर में रोहिंग्‍याओं ने म्‍यांमा के रखाइन प्रांत से जबरन निकासी की पांचवीं वर्षगांठ मनाई। उन्‍होंने म्‍यांमा में सुरक्षित, प्रतिष्ठित और ऐच्छिक वापसी के साथ देश की पूर्ण नागरिकता देने की मांग करते हुए रैलियां कीं।

25 अगस्‍त, 2017 को रखाइन प्रांत में म्‍यांमा की सेना की कार्रवाई के बाद सात लाख 40 हजार से अधिक रोहिंग्‍या अपने घरों को छोड़ने के लिए विवश हुए थे। उन्‍होंने बांग्‍लादेश में शरण ली थी। उन्‍हें कोक्‍स बाजार और आसपास के क्षेत्रों में शरणार्थी शिविरों में बसाया गया है। इस समय बांग्‍लादेश में दस लाख से अधिक रोहिंग्‍या रह रहे हैं।

 


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