डिजिटल प्लेटफॉर्म की कंपनियों की जवाबदेही जरूरी

सोशल मीडिया को लेकर जारी की गई गाइडलाइन पर वरिष्ठ पत्रकार शेखर अय्यर कहते हैं कि सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है वो आज अचानक नहीं है बल्कि इसे लेकर काफी समय से काम चल रहा था। लेकिन इसके कई कारण भी हैं कि सरकार को आज गाइडलाइन लानी पड़ी। दरअसल इस विषय को लेकर संसद में कई बार बहस हो चुकी है, सुप्रीम कोर्ट ने दो बार सरकार ने पूछा कि सोशल मीडिया या डिजिटल मीडिया को लेकर सरकार क्या कुछ कर रही है। इसके अलावा आम जनता की ओर से भी लगातार शिकायतें आ रही हैं, खासकर बच्चों को लेकर महिलाओं को लेकर इन प्लेटफॉर्म पर मिसयूज हो रहा है।

 जैसा की केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि आज सोशल मीडिया भारत में बहुत बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। केवल व्हाट्सएप की बात करें तो 50 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। यूट्यूब करीब 45 करोड़, फेसबुक 41 करोड़ हैं और इंस्टाग्राम करीब 21 करोड़ और ट्विटर पर एक करोड़ 75 हजार यूजर हैं। ये एक बड़ा बिजनेस प्लेटफॉर्म है जिस पर अभी कर कोई रेगुलेशन नहीं था।

जहां तक नियमों को लेकर आशंका का सवाल है सरकार की आलोचना करें या कुछ भी कहें, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है सोशल मीडिया को जिम्मेदार और जवाबदेह होना चाहिए। जैसा की हाल ही के दिनों में देखा गया कि फेसबुक और ट्विटर ने खुद का कानून बना लिया और कहने लगे हमारा कानून नहीं मानेंगे। इसलिए अब सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी का ट्वीट हटाएंगे या अकाउंट हटाया जाए तो उसका जवाब देंगे।

 फेक न्यूज को मिल रहा था बढ़ावा

शेखर अय्यर कहते हैं कि हाल ही के दिनों में देखा गया है कि कई लोगों को बिना निर्देश दिए या बताए ट्वीट को हटाना। इसके अलावा कई फेक न्यूज को भी लेकर बढ़ावा मिल रहा था। जिसकी वजह से 26 जनवरी को जो कुछ भी हुआ उसका एक हिस्सा है।

 बता दें कि नए नियमों व दिशा-निर्देशों के तहत सोशल मीडिया कंपनी जैसे- फेसबुक और ट्विटर को विवादित कंटेंट किसी सरकारी या कानूनी आदेश मिलने के बाद अपने प्लेटफॉर्म से 24 घंटे में हटाना होगा। नए मसौदे के मुताबिक, किसी विवादित कंटेंट को लेकर अगर शिकायत दर्ज होती है, तो संबंधित जांच अधिकारियों के सहयोग के लिए इन कंपनियों को 72 घंटों के भीतर सभी जरूरी जानकारी देनी होगी और 15 दिनों के अंदर उसका हल निकालना होगा। नए दिशा-निर्देश के अनुसार सभी सोशल मीडिया को अपनी जानकारी साझा करनी होगी।

शिकायत निपटारे के लिए तीन अधिकारी करने होंगे नियुक्त

 इसके साथ शिकायतों के निपटारे के लिए तीन अधिकारी नियुक्त करने होंगे। नए नियम जारी होने के तीन महीने के भीतर सोशल मीडिया कंपनियों को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, कानूनों के पालन को लेकर एक कार्यकारी अधिकारी और एक शिकायत निवारण अधिकारी को नियुक्त करना अनिवार्य होगा। ये सभी अधिकारी भारत के नागरिक होने चाहिए। नियमों के मुताबिक अफवाह फैलाने वाले या खुराफात शुरू करने वालों की जानकारी सरकार से साझा करनी होगी।

(Input - PBNS)

 


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