श्रीनगर। कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में दो गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
उपराज्यपाल ने सभी उपायुक्तों और एसएसपी को निर्देश दिया कि वे जम्मू-कश्मीर के बाहर से आए मजदूरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए मानक संचालन प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा करें।
उन्होंने यह भी कहा कि नियोक्ता यह सुनिश्चित करें कि देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए सभी श्रमिकों का बीमा कराया जाए और उनका विवरण स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के पास पंजीकृत हो।
बैठक में एलजी मनोज सिन्हा ने कहा, "हमें आतंकियों को निष्क्रिय करने के लिए सटीक और प्रभावी आतंकवाद विरोधी अभियान तेज करने होंगे।"
उन्होंने अधिकारियों को कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों का गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने और शोक संतप्त परिवारों को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया। बैठक में चल रही अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजामों और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती, एसडीजी कोऑर्डिनेशन एस.जे.एम. गिलानी, एडीजीपी सीआईडी नितीश कुमार, जीएडी के आयुक्त/सचिव एम. राजू, आईजीपी, मंडलायुक्त, एसएसपी, उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
प्रमुख नागरिकों, धार्मिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या और कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद आतंकियों ने अब अपनी गतिविधियों को हाइब्रिड आतंकवाद की ओर मोड़ दिया है। इसके तहत वे घाटी में निर्दोष निहत्थे गैर-स्थानीय मजदूरों, सड़क किनारे व्यापारियों, ड्राइवरों और अन्य कुशल श्रमिकों को निशाना बना रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल गैर-स्थानीय मजदूरों के ट्रांजिट कैंपों के आसपास कड़ी निगरानी रख रहे हैं। साथ ही रात में गश्त बढ़ाकर उन इलाकों में दबदबा बनाया जा रहा है जहां आतंकियों के छिपे होने और आतंकी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्करों के सक्रिय होने का संदेह है।
--आईएएनएस