सोशल मीडिया कंपनियों, ओटीटी प्लेटफार्म, और डिजिटल न्यूज की जवाबदेही तय करने के लिए हाल ही में केन्द्र सरकार ने दिशानिर्देश जारी किया है। इसके लिए सरकार ने जरुरी नियम तैयार किए हैं। एक अन्य आदेश जारी कर केंद्र सरकार ने राज्यों को स्पष्ट किया है कि नए सूचना प्रौद्योगिकी दिशा-निर्देशों के तहत डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन प्रसारकों को नोटिस जारी करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है तथा राज्य सरकारों, जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस आयुक्तों के पास इस संबंध में कोई शक्ति नहीं है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और सभी केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को एक पत्र लिखकर कहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग 3 के तहत शक्तियां केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पास हैं। नये नियम में ये शक्तियां राज्य सरकारों या जिला मजिस्ट्रेटों या पुलिस आयुक्तों को नहीं सौंपी गई हैं। केंद सरकार द्वारा इन नियमों को 25 फरवरी, 2021 को अधिसूचित किया गया था।
इन नियमों के तहत डिजिटल समाचार और ओटीटी सामग्री मुहैया कराने वालों को एक आचार संहिता का पालन करना होगा। इसमें सामग्री को उम्र आधारित पांच तरह के वर्गों में वर्गीकृत करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि वाही वर्ग इस सामग्री तक पहुंच बना पाए। इसके अतिरिक्त इन नियमों के मुताबिक एक तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा। शिकायत निवारण तंत्र में प्रकाशक, प्रकाशकों द्वारा गठित स्व-नियमन निकाय और सरकार का निगरानी तंत्र शामिल होंगे। इन्हें शिकायतों का समयबद्ध निपटान करना होगा।