तारकेश्वर प्रसाद होंगे बिहार के उपमुख्यमंत्री, सुशील मोदी की छुट्टी

पटना में रविवार को दिनभर राजनितिक उहापोह की स्थिति बनी रही| मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति पहले से ही स्पस्ट थी| भाजपा की तरफ से प्रवेक्षक बनाकर भेजे गये रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से NDA विधान मंडल दल का नेता चुन लिया गया| बाद में NDA प्रतिनिधि मंडल के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया| सोमवार को शाम 4.30 नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा|

लेकिन दिनभर कयास लगाये जाते रहे उपमुख्यमंत्री को लेकर| रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक सब इस प्रश्न का उतर टालते रहे| भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व बिहार में नए नेतृत्व को मौका दे सकता है इस बात का कयाश कई दिनों से लगाये जा रहे थे|

जब सुशील कुमार मोदी ने ट्विट कर यह जानकारी दी की उनकी जगह कटिहार से भाजपा के विधायक तारकेश्वर प्रसाद को भाजपा विधानमंडल दल का नेता तथा बेतिया से विधायक रेनू देवी को उपनेता चुन लिया गया है तो स्पस्ट हो गया की बिहार में नीतीश – मोदी की जोड़ी टूट गयी है और सुशील मोदी के हाथ से उपमुख्यमंत्री की कुर्सी निकल गई है| बाद में सुशील मोदी दे ट्विट एवं केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के जबाब से और भी स्पष्ट हो गया|

भाजपा इसबार बिहार में अपनी पकड मजबूत करने के उद्देश्य से दो उपमुख्यमंत्री बना सकती है| 57 वर्षीय तारकेश्वर प्रसाद एवं 60 वर्षीय रेनू देवी| चार बार के विधायक तारकेश्वर प्रसाद जहाँ अन्य पिछड़ा वर्ग वश्य समाज से आते है वही रेनू देवी महिला होने के साथ साथ अतिपिछडा वर्ग नोनिया समाज से आती है| जहाँ भाजपा तारकेश्वर प्रसाद के जरिये अन्य पिछड़ा वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है वही रेनू देवी के जरिये महिलाओं के साथ साथ अतिपिछडा वर्ग को भी साधने की कोशिश है|

सुशील मोदी को बदल कर भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है की वह बिहार में बदलाव की जरुरत है और वह एक लम्बी रणनीति पर कार्यकर रही है|

भाजपा की नजर अब विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर है और उस दौड़ में नंदकिशोर यादव एवं प्रेम कुमार के नाम शामिल है|      


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