विश्व को अहिंसा, शांति और सद्भाव का मंत्र देने वाले तथागत बुद्ध की धरती कुशीनगर से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के तीसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लोकार्पण किया उसके साथ ही पूर्वांचल के विकास का न सिर्फ नया अध्याय शुरू हो गया, बल्कि कुशीनगर इसका इतिहास लिखने वाला प्रमुख केंद्र के रूप में पहचाना जायेगा।
बौद्ध अनुयायियों के लिए कुशीनगर महातीर्थ है। इसकी शुरुआत से तथागत की महापरिनिर्वाण स्थली तक दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से बौद्ध अनुयायियों का यहां पहुंचना सहज हो जाएगा। इस कार्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल के विकास की नई राह खोलने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया है।
पर्यटन विकास, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई ऊंचाईयां
आजादी के लगभग 74 साल बाद कुशीनगर अपने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पूर्वांचल को पर्यटन विकास, निवेश और रोजगार की नई ऊंचाईयों पर ले जाने की उम्मीदों को पंख लगाने के असर बढ़ गए हैं। पहली इंटरनेशनल फ्लाइट श्रीलंका की होगी। इसमें वहां के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के साथ 125 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल का आना भी पर्यटन उद्योग की ऊंचाई तक ले जाने की दिशा में पहली कड़ी साबित होने वाली है।
बदल रही है कुशीनगर की तस्वीर
बीते साढ़े चार सालों में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं से कुशीनगर की तस्वीर ही बदल रही है। सितम्बर माह में ही मुख्यमंत्री ने 421 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। कभी इंसेफेलाइटिस प्रभावित इलाकों में शुमार कुशीनगर में 20 अक्टूबर को प्रधामंत्री ने महात्मा बुद्ध को समर्पित मेडिकल कालेज की सौगात दी।
दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से सीधी एयर कनेक्टिविटी
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से श्रीलंका, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, ताइवान, थाईलैंड, सिंगापुर, वियतनाम समेत दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से सीधी एयर कनेक्टिविटी होगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ान की इस सेवा से बौद्ध सर्किट के चार प्रमुख तीर्थों लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर समेत कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिशा, राजगीर, वैशाली की यात्रा भी कम वक्त में होने लगेगी।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
पूर्वांचल के लोग रोजी-रोजगार के लिए सिंगापुर, बैंकॉक, सूरीनाम, मॉरीशस और अरब देशों में आवागमन करते हैं। घर वापसी में अब न केवल उन्हें सुविधा मिलेगी बल्कि कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पूर्वांचल, बिहार और नेपाल को भी फायदा होगा